भोपाल। राजधानी में इंटरनेशनल स्तर का एयरपोर्ट तो बन गया, लेकिन आठ साल बाद भी एक भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं है। भोपाल के हवाई यात्री दुबई, सिंगापुर, हांगाकांग एवं बैंकॉक आदि शहरों तक जाने के लिए दिल्ली, मुंबई एवं हैदराबाद हवाई अड्डों के भरोसे हैं।

राजा भोज एयरपोर्ट को 2011 में इंटरनेशनल स्वरूप दिया गया था। लोर्कापण के समय से अब तक यहां पर एक भी इंटरनेशनल उड़ान नहीं है। दुबई एवं सिंगापुर उड़ान के लिए कई बार कंपनियों ने सर्वे किया, लेकिन इसके परिणाम सकारात्मक नहीं रहे। सर्वे में यह बात सामने आई कि भोपाल से इंटरनेशनल रूट पर अपेक्षित यात्री नहीं मिलेंगे। मध्यप्रदेश में एयर टर्बाइन फ्यूल पर अधिक टैक्स होना भी इसका एक कारण माना गया, लेकिन हाल के दिनों में एयर ट्रैफिक तेजी से बढ़ा है। स्पाइस जेट जैसी कम किराए वाली एयरलाइंस ने 2014 में भोपाल से अपना फ्लाइट आपरेशन बंद कर दिया था। इस साल कंपनी ने फिर से भोपाल को बेस स्टेशन बनाया है। कंपनी को अब यात्री भी मिलने लगे हैं। यही कारण है कि अब कहा जाने लगा है कि इंटरेशनल उड़ानों को भी यात्री मिलेंगे।

दुबई उड़ान की मांग सबसे अधिक

भोपाल से दुबई तक सीधी उड़ान की मांग सबसे अधिक है। राजधानी के कई लोग दुबई में काम करते हैं। पर्यटन की दृष्टि से भी लोग परिवार के साथ दुबई जाते हैं। डायरेक्ट उड़ान नहीं होने के कारण लोगों को बाया मुंबई, दिल्ली या फिर हैदराबाद होकर जाना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों पर किराए का अतिरिक्त भार पड़ता है।

जयपुर, अहमदाबाद से पीछे भोपाल

भोपाल एयरपोर्ट हवाई यात्रियों की संख्या के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में हमारा एयरपोर्ट एक लाख मासिक यात्री संख्या वाले एयरपोर्ट्‌स क्लब में शामिल हुआ है पर इंटरेशनल उड़ानों के मामले में हम जयपुर, अहमदाबाद एवं लखनऊ से पीछे हैं। जयपुर से बैंकॉक एवं शारजाह की उड़ानें संचालित हैं। अहमदाबाद से बैंकॉक, आबूधाबी, दोहा एवं कुवैत की उड़ाने चल रही हैं। लखनऊ से भी साप्ताहिक इंटरनेशनल उड़ानें है पर भोपाल से एक भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं है।

दुबई उड़ान के साथ हो शुरूआत

भोपाल से इंटरनेशनल उड़ानों की शुरूआत दुबई उड़ान के साथ होनी चाहिए। दुबई हर दृष्टि से महत्वपूर्ण सेक्टर है। रिश्तेदारी, कारोबार एवं पर्यटन की दृष्टि से इस रूट पर एयरलाइंस कंपनियों का उम्मीद से अधिक यात्री मिल सकते हैं।

- डॉ. तुषार कुलकर्णी, एयरलाइंस एक्सपर्ट