भोपाल (नवदुनिया स्टेट ब्यूरो)। साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार ने नए सिरे से मैदानी जमावट कर दी। बुधवार आधी रात के बाद सरकार ने आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए। इसमें 10 कलेक्टर, तीन नगर निगम कमिश्नर सहित 37 अधिकारी शामिल हैं। चुनाव से पहले इसे आखिरी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी माना जा रहा है। भिंड और मुरैना के पुलिस अधीक्षकों के बाद अब इन दोनों जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। जबकि, शहडोल कलेक्टर नरेश कुमार पाल को सचिव पद पर पदोन्नति करने के बाद वहीं पदस्थ रखा गया है।

सरकार के पैमाने पर खरे नहीं उतरे, हटे भिंड-मुरैना कलेक्टर

तबादलों में सरकार ने जनप्रतिनिधियों की सुनवाई करने के साथ सुशासन के पैमाने पर खरा नहीं उतरने वाले अफसरों को मैदानी पदस्थापना से हटा दिया। मुरैना कलेक्टर भास्कर लक्षकार से सांसद अनूप मिश्रा तो सतना नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल से महापौर ममता पांडे की पटरी नहीं बैठ रही थी। दोनों नेता मुख्यमंत्री से इन्हें बदलने की मांग रख चुके थे। वहीं, मुरैना में दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान जो हिंसा हुई उससे भी सरकार उन्हें हटाने का मन बना लिया था। तबादला सूची करीब एक माह पहले तैयार हो गई थी पर मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण इसे अंतिम रूप नहीं मिल पा रहा था।

चुनाव आयोग के निशाने पर आए कलेक्टरों को हटाया: मतदाता सूची में गड़बड़ी की वजह से चुनाव आयोग के निशाने पर आए अशोकनगर और शिवपुरी कलेक्टर को सरकार ने हटा दिया। मुंगावली विस उपचुनाव के समय चुनाव आयोग के निर्देश पर अशोकनगर कलेक्टर बीएस जामोद को हटाया गया था। जबकि, शिवपुरी कलेक्टर तरुण राठी कोलारस विस उपचुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर निशाने पर थे। उन्हें चेतावनी देने के निर्देश भी आयोग ने दिए हैं। उधर, अटेर विधानसभा उपचुनाव के समय ईवीएम और वीवीपैट में प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी को लेकर भिंड कलेक्टर इलैया राजा टी का हटना भी तय था। 'नवदुनिया' ने 30 मार्च को ही बता दिया था कि चुनाव आयोग के निर्देशों के चलते कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को हटाया जाएगा।