भोपाल (ब्यूरो)। भोपाल लोकसभा सीट से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को उम्मीदवार बनाने के एक हफ्ते बाद अब भाजपा में ही उनका विरोध शुरू हो गया है। विधानसभा चुनाव में भोपाल उत्तर से प्रत्याशी रहीं फातिमा रसूल सिद्दीकी ने साध्वी प्रज्ञा का खुुलकर विरोध करते हुए कहा कि मैं उनका चुनाव प्रचार करने नहीं जाऊंगी।

उन्होंने गुरुवार को मीडिया से कहा कि मैं भाजपा में साध्वी प्रज्ञा जैसे लोगों के लिए नहीं आई हूं। भाजपा में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने नहीं गई थी। मैंने शिवराज को देखकर भाजपा ज्वाइन की थी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि वो चुनाव जीतेंगी। इसका असर दूसरी सीटों पर भी पड़ेगा। फातिमा ने कहा कि भाजपा ने भोपाल सीट पर गलत प्रत्याशी का चयन किया है। उन्होंने मौजूदा सांसद आलोक संजर, महापौर आलोक शर्मा को साध्वी प्रज्ञा से बेहतर प्रत्याशी बताते हुए कहा कि मैं उनके लिए प्रचार करने नहीं जाऊंगी। गंगा-जमुनी तहजीब इस शहर की पहचान है। उन्होंने नारा दिया कि 'मोदी तुमसे बैर नहीं है, लेकिन साध्वी तुम्हारी खेर नहीं।' गौरतलब है कि फातिमा रसूल सिद्दीकी विधानसभा चुनाव के दौरान ही भाजपा में शामिल हुई थीं और अगले दिन ही उन्हें भोपाल उत्तर से उम्मीदवार बनाया गया था। हालांकि वे कांग्रेस के आरिफ अकील से चुनाव हार गई थीं।

प्रदेश संगठन को दी थी राय

फातिमा ने कहा कि जब साध्वी प्रज्ञा का नाम भोपाल सीट से चला तो मैंने प्रदेश भाजपा संगठन को अपनी भावनाओं से अवगत कराया था, लेकिन फिर भी संगठन ने यह निर्णय लिया। यह संगठन का फैसला है, इसलिए मैंने अपने स्तर पर चुनाव प्रचार नहीं करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि साध्वी के ऊपर लगे आरोप गंभीर हैं और ऐसे आरोपितों को प्रत्याशी नहीं बनाना चाहिए। इससे अन्य सीटों पर भी भाजपा का नुकसान होगा।