महिला थाने के परिवार परामर्श केंद्र में मैरिज साइट्स से हुई शादी टूटने के एक माह में 10 मामले पहुंचे

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

महिला थाने के परिवार परामर्श केंद्र में मैरिज साइट्स के जरिए की गईं शादी टूटने के मामले बढ़ रहे हैं। केंद्र में एक माह में इस तरह के करीब 10 मामले पहुंचे हैं। काउंसलर्स का मानना है कि मैरिज साइट्स से तय हुए रिश्ते इसलिए टूट रहे हैं, क्योंकि इसमें दोनों परिवारों की कोई पहचान नहीं होती। साइट्स के माध्यम से ही एक-दूसरे के बारे में जानते-समझते हैं। जबकि ऑनलाइन रिश्ते तय कर शादी करने के बीच एक-दो साल का समय देना चाहिए। लड़के और उसके परिवार का पूरा प्रोफाइल पता करना चाहिए। इसके अलावा कई परिवार सोसायटी में अपना हाई स्टेटस बनाने के लिए बेटियों की शादी विदेश में जॉब कर रहे लड़कों से कर रहे हैं। लेकिन परिवार और लड़के के बारे में जानकारी न होने से अकसर लड़की वालों को धोखा मिल रहा है। विदेश के मामले में पुलिस भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाती।

विदेश ले जाकर किया प्रताड़ित

साकेत नगर निवासी योगिता (काल्पनिक नाम) की शादी इंदौर निवासी अश्विनी से 2015 में मैरिज साइट्स के माध्यम से तय हुई थी। अश्विनी यूके में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। बेटी को विदेश भेजने के लिए योगिता के माता-पिता ने खूब धूमधाम से शादी की। शादी में 25 लाख रुपए दहेज में भी लड़के वालों को दिए। शादी के बाद अश्विनी अपनी पत्नी को यूके ले गया। वहां उसे कमरे में बंद कर रखा गया और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। किसी तरह योगिता के माता-पिता को पता चला तो वे लोग उसे भोपाल ले लाए। पति के खिलाफ योगिता ने महिला थाने में शिकायत की है।

ज्यादा शिकायतें यूके व कनाडा की

पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2015 में एनआरआई पतियों के खिलाफ एक पत्र जारी किया था। इसमें बताया गया था कि प्रदेशभर से करीब 150 शिकायतें एनआरआई रिश्ते टूटने की सामने आई थीं। इसमें बताया गया था कि एनआरआई युवक माता-पिता के कहने पर समाज की लड़की से शादी तो कर लेते हैं, लेकिन जब विदेश साथ ले जाने की बात आती है तो इंकार कर देते हैं। इसमें यूके व कनाडा में रहने वाले एनआरआई पतियों के खिलाफ मामले अधिक सामने आ रहे हैं। अभी तक पुलिस ने एक भी एनआरआई पति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।

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केस- 1

कटारा हिल्स स्थित अंशिका (काल्पनिक नाम) विद्युत वितरण कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थी। शादी डॉट कॉम से उनकी शादी 2016 में इंदौर के एक कंपनी में इंजीनियर जितेंद्र कुमार से हुई। शादी के बाद पता चला कि लड़का कंपनी में इंजीनियर नहीं है, बल्कि निम्न पद पर काम करता है। शादी के बाद अंशिका से दहेज की भी मांग होने लगी। इसके बाद मामला महिला थाने में पहुंचा।

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केस- 2

कोलार निवासी इशिता (काल्पनिक नाम) की शादी जीवनसाथी डॉट कॉम से मुंबई में बिजनेसमैन अतुल अग्रवाल से 2017 में हुई। शादी के बाद पता चला कि लड़के को जानलेवा बीमारी है। इसके बाद लड़की वाले ने शादी तोड़ने का फैसला लिया। लड़की के परिवार का कहना था कि लड़के वालों ने बीमारी छुपाकर शादी कर दी। एक साल बाद शादी टूट गई।

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केस-3

टैगोर नगर निवासी भेल में कार्यरत अवधेश सिंह (काल्पनिक नाम) ने एकलौती बेटी की शादी मैरिज साइट्स के जरिए कनाडा में नौकरी कर रहे लड़के से 2016 में की। शादी में दहेज न लेना तय हुआ, इसलिए शादी खूब शान-शौकत से की गई। बेटी को विदेश भेजने का सपना था, इसलिए लड़के के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं ली। शादी के बाद बेटी को लड़का विदेश नहीं ले गया। बाद में पता चला कि वहां पर उसने एक दूसरी लड़की को रखा हुआ था। इसकी शिकायत महिला थाने व आयोग में की गई है।

परिवार को समझना जरूरी

मैरिज साइट्स से शादी तय होने में दोनों परिवार एक-दूसरे को ठीक से समझ नहीं पाते हैं। जब शादी हो जाती है तो धोखा खा जाते हैं। कई मामलों में तो लड़के का प्रोफाइल गलत होता है। शादी के बाद वास्तविक स्थिति का पता चलता है।

रेणुका मेहता, काउंसलर परिवार परामर्श केंद्र