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    मनरेगा का 11करोड़

    Published: Thu, 15 Mar 2018 04:12 AM (IST) | Updated: Thu, 15 Mar 2018 04:12 AM (IST)
    By: Editorial Team

    मनरेगा का 11करोड़ का भुगतान अटका, जनवरी से नहीं आई रकम

    मामले में लूंगा संज्ञान - कलेक्टर

    नोट । जिला पंचायत के नाम से फोटो है।

    छिंदवाड़ा। जिला पंचायत में किस स्तर पर सुस्त कार्यशैली चल रही है कि पेमेंट सहित तमाम काम पेंडिंग हो रखे हैं। हालत ये है कि जनवरी माह से मनरेगा के तहत भुगतान नहीं हुआ है। लिहाजा मजदूरी भुगतान और मटेरियल का अभी तक 11 करोड़ रुपए का भुगतान बाकी है। मनरेगा परियोजना अधिकारी की दलील है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से रकम आती है, लिहाजा पेंडिंग है। वहीं जनपद पंचायत सदस्य जफर इकबाल का आरोप है कि जनवरी महीने से भुगतान हुए ही नहीं हैं, जिसके कारण मटेरियल का 10 करोड़ और मजदूरों का एक करोड़ का भुगतान अटका हुआ है। मनरेगा के तहत मार्च महीने में 5 हजार घंटे से ज्यादा का मानव श्रम बाकी है, इस स्थिति में ये टारगेट कैसे और किन परिस्थितियों में पूरा होगा। इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसे लेकर जिला पंचायत सीईओ का कहना है कि रकम जारी नहीं होने के कारण ये स्थिति बनी है। साथ ही उन्होंने बताया कि मार्च महीना क्लोजिंग का महीना होता है, लिहाजा टारगेट पूरा कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि छिंदवाड़ा जिला का क्षेत्रफल काफी बड़ा है, मनरेगा को लेकर जिले में बेहतर काम भी हुआ है, लेकिन पिछले कुछ सालों से इसे लेकर सवाल उठे हैं। यही नहीं मनरेगा अधिकारी जगदीश उपासे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें निलंबित भी किया गया था।

    दो सौ से ज्यादा जांच पेंडिंग

    जिला पंचायत में कार्यशैली को लेकर सवाल उठते रहे हैं। तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ सुरभि गुप्ता की कार्यशैली से परेशान होकर विधायक रमेश दुबे ने इस्तीफे की पेशकश कर दी थी, जिसके बाद नए जिला पंचायत सीईओ रोहित सिंह के आने से काम की उम्मीद जगी थी, लेकिन फिलहाल स्थिति पुरानी ही नजर आ रही है। हालत ये है कि इतनी बड़ी जिला पंचायत में करीब 750 से ज्यादा ग्राम पंचायत हैं, लेकिन फाइल एक बार चलना शुरू होती है, तो बाहर ही नहीं आ पाती है। सचिव समेत तमाम कर्मचारियों की दो सौ से ज्यादा फाइल पेंडिंग है। यही हालत पेमेंट को लेकर है।

    इनका कहना है।

    जिला पंचायत में जनवरी माह से पेमेंट नहीं हुआ है, करीब दस करोड़ रुपए का भुगतान बाकी है, जिसके कारण मनरेगा का काम प्रभावित हो रहा है।

    जफर इकबाल, जनपद पंचायत सदस्य

    मार्च का महीना क्लोसिंग का महीना है, हमें उम्मीद है कि महीने तक टारगेट पूरा होगा, जहां तक पेमेंट की बात है, भुगतान नहीं आया है।

    रोहित सिंह, जिला पंचायत सीईओ

    मैं इस मामले में जानकारी जुटाउंगा, अगर ऐसा हो रहा है, तो ऐसी स्थिति क्यों बन रही है, इस बारे में बात की जाएगी।

    जेके जैन, कलेक्टर

    और जानें :  # blhudt fUt 11fUhtu\z
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