महार्षि ज्ञान युग दिवस समारोह का समापन

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

भोजपुर मार्ग पर स्थित स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती आश्रम, छान में दो दिवसीय महर्षि ज्ञानयुग दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष ब्रह्मचारी गिरीश ने कहा कि सुप्रसिद्घ संत महेश योगी को संगीत से अत्यन्त लगाव था। उन्होंने अपने जीवनकाल में लगभग तीन हजार से अधिक संगीत के कार्यक्रम पूरे विश्व में आयोजित कराए थे, इसलिए महर्षि ज्ञान युग महोत्सव का द्वितीय दिवस महर्षि गंधर्ववेद को समर्पित है। इस मौके महर्षि विद्या मंदिर के विभिन्ना स्कूलों के बधाों ने नृत्य एवं गायन की प्रस्तुतियां दीं। बनारस घराने के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बांसुरी वादक पंडित अमर नाथ ने पंडित पंकज नाथ, पंडित पारस नाथ एवं पंडित अरविंद कुमार के साथ मिलकर शानदार बांसुरी वादन एवं तबले की युगलबंदी प्रस्तुत की।

केरल से पधारे सप्रसिद्घ भारतीय शास्त्रीय संगीत गायक, विनय रामदासन, पुणे से पधारे सुप्रसिद्घ तबला वादक पंडित किशोर कोर्डे, पुणे के सुप्रसिद्घ पखावज वादक गोविंद मिलाने, सुप्रसिद्घ हारमोनियम वादक सुभाष दसक्कर एवं पंडित मिलिंद रायकवार ने हारमोनियम पर अपनी शानदार प्रस्तुतियां देकर उत्सव भवन में उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में महर्षि समूह के विभिन्ना संस्थानों के निदेशक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर महर्षि खादी ग्रामोद्योग संस्थान द्वारा एक स्टाल लगाया गया था,जहा पर लोग खादी की सामग्री क्रय करते नजर आए। वहीं महर्षि साहित्य के स्टॉल पर महर्षि कैलेंडर एवं पंचांग आकर्षण का केंद्र था जो प्रथम बार प्रकाशित किया गया है।