- गुलाब उद्यान में बोनसाई प्रदर्शनी के तहत कार्यशाला

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

लिंक रोड क्रमांक-1 स्थित गुलाब उद्यान में चल रही बोनसाई प्रदर्शनी में शनिवार को मुंबईं से आए निकुंज पारेख और ज्योति पारेख ने प्रतिभागियों को बोनसाई तैयार करने का प्रशिक्षण दिया। लेकसिटी बोनसाई एसोसिएशन की ओर से प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस मौके पर ज्योति पारेख ने कहा कि कल हम राउंड ले रहे थे तो देखा कि यहां कई सारे सेक्शंस है, जबकि हमने जो प्रदर्शनियां की हैं वे सभी साइंस वाइज रही है। हम यहां से स्टाइल और नए-पुराने पेड़ के अनुसार बनाए सेक्शंस सीख कर जा रहे है। हम भी अपनी प्रदर्शनियों में इसको फॉलो करेंगे। इस मौके पर उन्होंने प्रदर्शनी के टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि एक एक्सपर्ट कमेटी बना कर चयनित बोनसाई प्रदर्शित करें, जिससे कम जगह में ज्यादा अच्छे बोनसाई शामिल किए जा सके। इसके अलावा दर्शकों के लिए भी एक ओपन वर्कशॉप रखें, जिससे आम जन भी इस विधा को सीख सके। कुशामोनो 'पेड़ों के साथ छोटे पौधे या घास का जंगल' भी बोनसाई में तैयार करना सीखें। प्रदर्शनी में आने वाले दर्शकों से चर्चा करें। अपने पौधे की उम्र, नाम, कब तैयार किया, जैसी जानकारी के साथ एक्सपर्ट कार्ड भी पौधे के साथ रखें। ज्योति कहती हैं कि यह विधा बिजनेस का भी अच्छा जरिया है। जापान में लोगों के पास जॉब की वजह से देखभाल करने का समय नहीं है। ऐसे में वे देखभाल के लिए बोनसाई एक्सपर्ट तलाशते है। हम भी इसे बतौर बिजनेस शुरू कर सकते है।

6 से 10 साल पुराने पौधे

इस वर्कशॉप में विजय अवस्थी के वाइल्ड प्लांट,अनिता वाजपेयी के मुधुकामिनी प्लांट,मनीष श्रीवास्तव के ज्योमिट्री प्लांट और अरुण गुप्ता के गोल्डन फाइकस को स्पेशल औजारों से शेप देकर बोनसाई तैयार करना बताया। यह सभी पौधे 6 से 10 साल पुराने हैं। इस पेजिंग शो भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। रविवार को भी प्रदर्शनी का अवलोकन सुबह 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक किया जा सकेगा।

इन बातों का रखें ध्यान

- बोनसाई तैयार करते समय ध्यान रखें की पूरा बॉडी पार्ट सुंदर दिखना चाहिए।

- सब ब्रांचेज आएं तो उन्हें कंट्रोल करें।

- ब्रांच और लीफ ओवर लेप नहीं होनी चाहिए।

- बोनसाई में फॉल के करीब ब्रांच ले आए, जिससे सुरक्षा भी होती रहे।

- बोनसाई बनाने के लिए जिस पौधे का चुनाव किया है, हेल्दी होना चाहिए।