इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। समूचे भारत में सफाई में नंबर वन इंदौर शहर अब महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी नया इतिहास रचने जा रहा है। देश की सुरक्षा करने वाली सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की महिला सैनिक 49 साल में पहली बार अपने हथियारों के साथ स्पर्धा में उतरेंगी। स्थानीय केंद्रीय आयुध व युध्द कौशल विद्यालय (सीएसडब्ल्यूटी) द्वारा आयोजित 49वीं अंतर सीमांत प्लाटून वेपन निशानेबाजी स्पर्धा 13 से शुरू हुुुुई और 18 फरवरी तक बीएसएफ की रेवती रेंज पर चलेगी। महानिरीक्षक बीके मेहता ने बताया कि स्पर्धा में देशभर के सभी 11 सीमांतो के कुल 686 निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं।

इस दौरान राष्ट्र की सीमाओं की चौकसी करने वाली 100 महिला आरक्षक भी चुनौती पेश करेंगी। यह पहला मौका है जब कॉम्बेट वेपन स्पर्धा में महिलाएं भी हिस्सा ले रही हैं। ये वही हथियार होते हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकवादियों के खिलाफ मुठभेड़ या सीमाओं की सुरक्षा के लिए होता है। इससे पहले तक सभी स्पर्धाओं में महिला सैनिकों के लिए केवल स्पोर्ट्स वेपन (खेल हथियार) वर्ग के ही मुकाबले होते थे।

स्पर्धा में कुल 3 ट्रॉफियां, 10 चैलेंज कप, 126 पदक टीम तथा व्यक्तिवर्ग में दांव पर होंगे। शुभारंभ बीएसएफ के महानिदेशक रजनीकांत मिश्र के आतिथ्य में होगा। उल्लेखनीय है कि बीएसएफ की रेवती रेंज का नाम देश की शीर्ष निशानेबाजी रेंज के रूप में है। यहां इसके पहले भी कई राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाएं हो चुकी हैं। कॉम्बेट वेपन के अलावा यहां स्पोर्ट्स वेपन की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाजी रेंज है।

इन हथियारों का होगा इस्तेमाल

स्पर्धा में कुल 11 वर्गों के मुकाबले होंगे, जिनमें 6 हथियार इस्तेमाल होंगे। इनमें इंसास राइफल, इंसास एलएमजी, 9-एमएम पिस्टल, बरेटा, 51-एमएम मोर्टार, शार्प शूटर गन शामिल हैं। महिला सैनिक 51-एमएम और इंसास एलएमजी को छोड़कर अन्य चार वर्गों में हिस्सा लेंगी।