-स्क्रूटनी के बाद 12 जून को लॉटरी सिस्टम से मिलेगा प्रवेश

बुरहानपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शिक्षा का अधिकारी अधिनियम (आरटीई) के तहत प्राइवेट स्कू लों में गरीब और आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्रवेश देने के मामले में बुरहानपुर इस बार बाजी मारता दिख रहा है। लोगों में आई जागरुकता और विभागीय प्रक्रिया को सरल बनाए जाने के परिणाम स्वरुप इस बार जिले की कु ल आरक्षित सीटों के मुकाबले करीब 70 फीसदी से ज्यादा आवेदन अब तक जमा हो चुके हैं।

एक मई से शुरु हुई यह प्रक्रिया 29 मई तक चलेगी जिससे आंकड़ा 90 फीसदी के आसपास पहुंचने का अनुमान है। बुरहानपुर बीआरसी राजकु मार मंडलोई ने बताया कि विकासखंड के कु ल 125 प्राइमरी और मिडिल स्कू लों को मिलाकर 25 फीसदी के मान से कु ल 2646 सीटें आरटीई के तहत गरीब बच्चों के लिए आरक्षित की गईं हैं। इनमें प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस सरकार की ओर से दी जाएगी। प्राप्त आवेदनों को 30 मई के बाद जांच कर पात्र आवेदकों की सूची तैयार की जाएगी और इनमें से ही 12 जून को लॉटरी के जरिए बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 70 फीसदी से ज्यादा आवेदन जमा होने के कारण बुरहानपुर फिलहाल प्रदेश स्तर पर टॉप पर है।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक लोगों में आई जागरुकता और विभागीय प्रक्रिया को सरल बनाए जाने के कारण यह परिणाम सामने आया है। पूर्व में ऑनलाइन आवेदन के बाद हार्ड कॉपी सीधे बीआरसी कार्यालय में जमा होती थी और सत्यापन भी यहीं होता था। इस बार से शासन ने संकु ल स्तर पर आवेदनों के सत्यापन और जमा करने की सुविधा दे दी है। जिसके चलते जिले के 12 संकु लों में सत्यापन का काम कि या जा रहा है। प्रक्रिया जटिल होने के कारण बीते साल विकासखंड के 111 स्कू लों की 2318 सीटें आरक्षति होने के बावजूद बेहद कम बच्चों ने प्रवेश लिया था। हालांकि बीआरसी ने अंबा, बोरी, इच्छापुर, निंबोला आदि संकु लों से आवेदनों की हार्ड कॉपी नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने अभिभावकों से कहा है कि यदि संकु ल प्राचार्य आवेदन भेजने में लापरवाही कर रहे हैं तो वे खुद भी सीधे आकर आवेदन जमा करा सकते हैं ताकि उनका आवेदन लॉटरी प्रक्रिया में शामिल हो सके ।