बुरहानपुर। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने ई-गवर्नेंस प्रबंधक आशीष गुप्ता को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कलेक्टोरेट में रिश्वतखोर प्रबंधक ने आधार सेंटर चालू करने के एवज में 20 हजार रुपए मांगे थे। पीड़ि‍त ने 15 हजार रुपए दे चुका था, वहीं 5 हजार की दूसरी किश्त देते हुए रंगे हाथों धरा गया। इसके बाद प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। कलेक्टोरेट में ही कलेक्टर-एसपी सहित 25 से अधिक विभागों के जिला प्रमुख बैठते हैं, इसके बावजूद उसके हौंसले इतने बुलंद थे रिश्वत लेने से नहीं घबराया।

इंदौर लोकायुक्त टीम के डीएसपी के मुताबिक पीड़ि‍त सेंटर संचालक मनोज वाघ निवासी रास्तीपुरा का आधार सेंटर डाकवाडी में है। आधार का काम चालू करवाने के लिए जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक आशीष गुप्ता ने 20 हजार रुपए मांगे थे। जिसके बाद लोकायुक्त में शिकायत की गई। 15 हजार की किश्त दी जा चुकी थी। जिसके बाद 5 हजार रुपए की दूसरी किश्त देते हुए गुप्ता को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

कार्रवाई के बाद रोने लगा प्रबंधक

रेस्त हाउस में में पूरी कार्रवाई की गई। रिश्वतखोर प्रबंधक गिरफ्तार पकड़ने के बाद फूट-फूटकर रोने लगा। अफसरों ने उसकी एक नहीं सुनी।