इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदौर से संभाग के जिलों के लिए चलने वाली बसें सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रही हैं। बस संचालक 40 प्रतिशत किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। उन्हें प्रदेश के अन्य जिलों से भी समर्थन मिलना शुरू हो गया है। हड़ताल से यात्रियों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पडेगा।

प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने बताया कि हमें प्रदेश के अधिकांश जिलों की एसोसिएशन का समर्थन मिल गया है। हमने हड़ताल की तैयारी भी शुरू कर दी है। बसों पर हड़ताल के पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को भी इसकी जानकारी रहे। हमने प्रदेश सरकार को हर तरह से मौके दिए, लेकिन हमारी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।

मुश्किल हो गया बस चलाना

शर्मा ने बताया चार साल पहले जब बसों का किराया 97 पैसे प्रति किलोमीटर था, तब डीजल के भाव में चार रुपए की कमी हुई थी और वह 56 रुपए लीटर हो गया था। उस समय शासन ने बिना हमें विश्वास में लिए 5 पैसे प्रति किलोमीटर का किराया कम किया था। इसके बाद से किराया नहीं बढ़ाया गया है। जबकि आज डीजल का भाव 70 रुपए हो गया है। इसके अलावा टायर, ऑइल और अन्य मेंटेनेंस खर्च भी बढ़ गया है जिससे संचालन मुश्किल हो गया है।

1.30 रुपए प्रति किमी हो किराया

प्रवक्ता सुशील अरोरा ने बताया हम चाहते हैं कि बसों का किराया 40 प्रतिशत बढ़ाया जाए। अभी जो किराया 92 पैसे प्रति किमी है। उसे सामान्य श्रेणी की बसों के लिए 1.30 रुपए प्रति किमी किया जाए।

यात्रियों को हो जाएगी परेशानी

इधर, बसों का किराया बढ़ने से यात्रियों की जेब पर बोझ तो बढ़ेगा ही लेकिन उसके पहले ही हड़ताल से उन्हें परेशानी होगी। इंदौर से सेंधवा, खंडवा, बड़वानी, खरगोन सहित आसपास के सभी जिलों के लिए बसें चलती हैं। इंदौर-खंडवा रेल मार्ग अभी बंद है। वैसे भी छुट्टियों में बसों में काफी भीड़ रहती है।