इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मृत व्यक्ति के नाम पर कार रजिस्टर्ड होने की शिकायत मिलते ही आरटीओ में हडकंप मच गया। गुरुवार को कार मालिक आरटीओ पहुंचा तो सबने राहत की सांस ली।

आरटीओ में 29 जून को एक इनोवा कार (एमपी 09 बीडी 3764) का रजिस्ट्रेशन किया गया, जबकि 4 जुलाई को इसका कार्ड भी बन गया। इसमें मालिक का नाम नटवर लाल पटेल है, जिसका अस्थाई एड्रेस श्याम प्लायवुड प्राइवेट लिमिटेड इंडस्टियल एरिया है। इस बीच आरटीओ को एक शिकायत मिली कि यह कार 2013 में बिकी थी, जिसे अब रजिस्टर्ड करवाया गया। जब रजिस्ट्रेशन किया तो कार पुलिस की जब्ती में थी।

वहीं मालिक नटवर लाल की भी मौत हो चुकी है। उन दस्तावेज पर नटवर लाल के फर्जी साइन किए गए हैं। गाड़ी को बाबू आलोक अष्टाना की शाखा में रजिस्टर्ड किया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर आरटीओ में हडकंप मचा। यहां पर आरटीओ ने बाबुओं को तलब किया तो पहले सब हैरान रह गए। बाद में अपने बचाव में उन्होंने कहा कि इस मामले में हमारी कोई गलती नहीं है। रजिस्ट्रेशन के लिए जिस तरह के दस्तावेज आए थे उसी के आधार पर हमने उसे रजिस्टर्ड किया। सभी दस्तावेज सही थे।

आरटीओ ने मालिक को नोटिस जारी की कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा। गुरुवार को नटवर लाल एआरटीओ निशा चौहान के पास पहुंचे। उनके दस्तावेजों के मिलान किए गए। एआरटीओ चौहान ने बताया कि नटवर लाल जिंदा है। शिकायत गलत निकली है।

आती रहती है झूठी शिकायतें -

शिकायत के बाद हमने नोटिस जारी किया था। कार मालिक खुद आ गया था। इस प्रकार की झुठी शिकायतें आती रहती है।

- जितेंद्रसिंह रघुवंशी, आरटीओ