सुधीर गोरे/राहुल वावीकर (भोपाल)। नईदुनिया-नवदुनिया फोरम में नए भारत और नए मध्यप्रदेश की ओर कदम बढ़ाने संबंधित विविध आयामों पर मंथन हुआ। दोपहर के सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने जनधन योजना और स्वच्छ भारत की बात की। लोग कहते थे कि प्रधानमंत्री को विदेश नीति पर बात करनी चाहिए, शौचालय पर नहीं। जिस देश की आधी आबादी के पास शौचालय और बैंक अकाउंट नहीं हैं, ऐसा देश विकसित कैसे बन पाएगा?

बकौल तोमर, स्वच्छता का विषय प्रधानमंत्री ने उठाया, तो उसके बाद यह जन आंदोलन बन गया। आज 17 राज्य पूरी तरह ओडीएफ हो गए हैं। 3 लाख 61 हजार गांव पूरी तरह ओडीएफ हो गए। अनेक स्थानों पर ओडीएफ प्लस का काम जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सरपंच स्वच्छता के लिए तीव्रता से काम कर रही हैं। 2014 से लेकर अब तक 7 करोड़ 20 लाख शौचालय बनाए गए हैं। आज देश में स्वच्छता का प्रतिशत 85 हो गया है। इसके लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने स्वच्छता के लिए मिलकर काम किया।

31 लाख बैंक अकाउंट खोलने के साथ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की गई। 5 लाख 68 हजार करोड़ रुपए का लोन लोगों को इसके माध्यम से दिया गया। इसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं हैं। देश गांव में बंटा हुआ है, गांव में बिजली की जरूरत है। अटलजी ने अपनी सरकार में गांवों बिजली पहुंचाने के लिए प्रयास किए थे, उनका सपना आज हम साकार कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने गांव और गरीब महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना चलाई, डेढ़ करोड़ लोगों ने अपनी सब्सिडी छोड़ी, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को गैस सिलेंडर प्राप्त हुआ। ग्रामीण क्षेत्र और शहरी क्षेत्र में मजदूरी करने वाला गरीब आदमी सामान्यतौर पर सोचकर रखता है कि बेटी की शादी करना है, इसके लिए पैसा इकट्ठा करता है।

उन्‍होंने कहा कि ऐसे में किसी गरीब के घर में बीमारी आ जाए, तो उसके बचाए पैसे उस बीमारी में खर्च हो जाते हैं। ऐसे समय पर अगर वह कर्जा लेता है, तो वह उस कर्जे से मुक्त नहीं हो पाता। प्रधानमंत्री ने इस दर्द को पहचाना और पिछले बजट में आयुष्मान भारत योजना शुरू की, इस पर काम चल रहा है। अब यह योजना दस करोड़ परिवारों को कवर करेगी।

तोमर ने आगे कहा, ये दुनिया की सबसे बड़ी मेडिकल स्कीम है, जिससे पात्र हितग्राही का इलाज कराया जाएगा। इस योजना के माध्यम से भारत की आधी आबादी को कवर करने की कोशिश है। इससे साबित होता है कि गांव में सरकार की पहुंच कितनी बनी है।

तोमर के अनुसार 6 करोड़ लोग प्रतिवर्ष मनरेगा में काम करते हैं, डीबीटी के माध्यम से इन तक पैसा पहुंचाना। मंत्री तोमर ने कहा कि पहले मनरेगा और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पर्यायी थे, लेकिन हमने जॉब कार्ड बनाए और उन्हें आधार से लिंक कराया। मजदूरों को उनके हक का पैसा उनके बैंक खाते में मिल रहा है। जनधन योजना के तहत बैंक खाते बने फिर इन खातों में पैस पहुंचना शुरू हुआ। आज 96 प्रतिशत मजदूरों को सरकार उनके खातों में मेहनत का पैसा पहुंचा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अटलजी की सरकार ने बनाई। लेकिन जो काम 2008 में पूरा होना वो अभी भी बाकी है, एक लाख 78 हजार ग्राम में बसाहटों को सड़क की सौगात देने के काम की पूर्ति के लिए मार्च 2019 तक का समय निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के लिए तीसरे चरण की भी घोषणा हो गई है। नक्सली इलाकों में सड़क निर्माण बड़ी चुनौती है, लेकिन ऐसे इलाकों में भी सड़क निर्माण को लेकर कार्ययोजना बनाई गई है।

मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि गरीब आवास योजना को लेकर भी सरकार बहुत गंभीर है। हर गरीब को घर मिले इसके लिए सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है, इसके साथ ही उन्हें रसोई गैस, बिजली मिले ये भी लक्ष्य है।

उन्‍होंने कहा कि आजीविका एक बड़ा महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, देश में अगर गरीबी से लड़ना है तो आजीविका का सहारा लेना जरूरी है। आप पुराने समय की बात करें तो हमारे देश में गरीबी थी, लेकिन हमारे देश में आजादी से पहले भुखमरी नहीं थी। समाज का सिस्टम ऐसा बना हुआ था कि कोई भी भूखा नहीं सोता था। ये हमारी सामाजिक परंपरा थी। लाइवलीहुड प्रोग्राम भी यही है, गांव में उद्योग खड़े हो, गांव में लोग सही तरीके से काम कर सके। उन्होने कहा कि 115 जिलों का चयन किया गया है, जहां खनिज संपदा है, लेकिन वहां का स्थानीय व्यक्ति गरीब है, ऐसे जिलों में केंद्र सरकार के अधिकारी भी पहुंचे और अब ये सुनिश्चित किया कि इस गैर बराबरी को भी दूर किया जाएगा।

उनके अनुसार लाइवलीहुड के साथ ही साथ कौशल विकास भी जरूरी है। अब तक 5 लाख 70 हजार लोगों को हमने प्रशिक्षित किया है। मध्यप्रदेश सरकार ने 2003 के बाद शिवराज सिंह सरकार के प्रयत्नों से ग्रामीण विकास आगे बढ़ा है। लोगों को मानसिक सुख की जरूरत भी है, इसके लिए सरकार ने आनंदम योजना चलाई। आज से चार साल पहले मप्र सरकार ने सर्वोदय विद्यालय बनाने की योजना तैयार की थी, जो आज बनकर तैयार है। अगले सत्र में इसमें गरीब परिवार के बच्चों को एडमिशन दिया जाएगा।