- पड़ताल करने पहुंचे अफसर तो बंद हो गए मेडिकल स्टोर

- नशे में इस्तेमाल दवाओं का विक्रय रोकने चलाया जांच अभियान

छतरपुर। मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं का विक्रय रोकने और दवाओं के मनमाने दामों का विक्रय प्रतिबंधित करने का काम ड्रग्स विभाग का होता है, लेकि न इसके इतर पुलिस ने मेडिकल स्टोरों की पड़ताल का मोर्चा संभाल लिया है। नशे की गिरफ्त में आकर युवा पीढ़ी को अपराधों से बचाने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत गुरुवार को जब मेडिकल स्टोरों की पड़ताल की गई तो अधिकांश मेडिकल स्टोर संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग गए। जांच टीम के डर से छतरपुर के मेडिकल स्टोर दोपहर बाद तक बंद रहे।

नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की जांच के लिए पुलिस प्रशासन ने जांच अभियान संचालित किया है। जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर, सीएसपी राजाराज साहू, कोतवाली थाना प्रभारी संधीर चौधरी के साथ ड्रग इंस्पेक्टर देवेंद्र कु मार जैन ने गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे जब जिला मुख्यालय के मेडिकल स्टोरों की पड़ताल शुरू की तो दवा विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। स्थानीय छत्रसाल चौक पर संचालित शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोरों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। पुलिस के अधिकारियों ने जिला अस्पताल के महल रोड गेट के सामने संचालित महावीर मेडिकल स्टोर की जांच की। कागजों और मेडिकल स्टोर के स्टॉक की पड़ताल के बाद पुलिस के अधिकारियों ने जब दीगर मेडिकल स्टोर की ओर रुख किया तो जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर स्थित मेडिकल स्टोरों के संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग गए।

मेडिकल स्टोरों पर बिक रही हैं नशीली दवाएं

जिला मुख्यालय सहित अंचल के कस्बाई इलाकों में संचालित अधिकांश मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं का विक्रय किया जा रहा है। विभिन्न रोगों की दवाएं नशे में इस्तेमाल की जाती हैं, जिन्हें डाक्टर के पर्चे भी मरीज या फिर अन्य लोगों को दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन बगैर चिकि त्सक के परामर्श के ही मेडिकल स्टोरों से दवाओं का विक्रय किया जा रहा है। इन दवाओं का अवैध तरीके से विक्रय रोकने की जिम्मेदारी ड्रग्स विभाग की होती है, लेकिन जिले के इकलौते ड्रग्स इंस्पेक्टर अवैध विक्रय को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। यही कारण है कि मेडिकल स्टोरों पर कफ सीरप कोरेक्स, बैनाड्रिल, टोरेक्स सहित अन्य नशे के इंजेक्शन आसानी से मिल जाते हैं।

बैठक में मिलेगी मेडिकल स्टोर संचालकों को नसीहत

जिला ड्रग्स इंस्पेक्टर देवेंद्र कु मार जैन ने बताया कि गुरुवार को शहर के आधा दर्जन मेडिकल स्टोरों को चेक किया गया है। स्टोर के स्टॉक के साथ दवाओं की पड़ताल की गई है। स्टोर संचालकों द्वारा दवाओं का विक्रय चिकि त्सक के पर्चे पर कि ए जाने के निर्देशों का पालन भी किया जा रहा है। शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक ने मेडिकल स्टोर संचालकों की बैठक भी बुलाई है। पुलिस लाइन के कांफ्रेंस हॉल में मेडिकल स्टोर संचालकों को समझाइश दी जाएगी।

इनका कहना है

'कई अपराध नशे की लत को पूरा करने के लिए कि ए जा रहे हैं। नशे की गिरफ्त में न सिर्फ युवा पीढ़ी फंस रही है बल्कि बच्चे भी इसके आदी होने लगे हैं। नशे से बढ़ रहे अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस ने मेडिकल स्टोरों पर चेकिंग का अभियान चलाया है। यह अभियान सतत रूप से जारी रहेगा।'

जयराज कु बेर

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, छतरपुर

नोट - समाचार के साथ फोटो 05 एवं 06 का के प्सन है -

छतरपुर। मेडिकल स्टोर पर पड़ताल करते पुलिस अधिकारी।

छतरपुर। गुरुवार को पड़ताल के दौरान बंद हो गए मेडिकल स्टोर।