छतरपुर। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच छतरपुर जिले के लवकुशनगर कोर्ट में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को बुधवार दोपहर अदालत में पेश किया गया। पंडित की मौजूदगी में श्रद्धालु प्रतिमाओं को लेकर कोर्ट पहुंचे और न्यायालय में पेश किया।

शाम को भगवान के लौटने पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। दरअसल चोरी के एक मामले में कोर्ट ने प्रतिमाओं को अदालत में पेश करने के लिए आदेशित किया था।

अधिवक्ता देवराज निगम के मुताबिक ग्राम घटरा के रामजानकी मंदिर से चोरी गई भगवान श्रीराम व लक्ष्मण की प्रतिमाएं और चरण चौकी पुलिस ने बरामद कर ली थीं। चूंकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा है इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की प्रतिमाओं को मंदिर के पुजारी ने अदालत के आदेश पर अदालत के सम्मुख प्रस्तुत कि या और अब प्रतिमाएं मंदिर में विराजमान हैं।

यह है मामला

लवकु शनगर अनुभाग के अंतर्गत गौरिहार थाने के ग्राम घटरा स्थित रामजानकी मंदिर से वर्ष 2016 में चोरी हुई थी। इस मंदिर से चोर भगवान श्रीराम व लक्ष्मण की प्रतिमाएं तथा चरण चौकी चुरा ले गए थे। इस मामले में गौरिहार पुलिस ने अपराध क्रमांक 74/16 के तहत धारा 457, 380 आईपीसी में आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कि या और विवेचना के बाद तहकीकात शुरू कर दी।

पुलिस ने सुरागों के आधार पर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की प्रतिमाओं सहित चरण चौकी को बरामद करके आरोपितों को पकड़ा और इस प्रकरण का चालान प्रकरण क्रमांक 518/16 न्यायालय में पेश कि या था।

इन मूर्तियों को ग्राम घटरा के रामजानकी मंदिर के पुजारी बसंतलाल पाठक के सुपुर्द कर दिया गया। इस प्रकरण में कु छ समय पहले न्यायालय ने आदेश जारी कि या, जिसमें चोरी गई प्रतिमाओं को न्यायालय में तलब करने की बात कहीं गई थी।

इसी के तहत मंदिर के पुजारी श्री पाठक अपने एक सहयोगी के साथ न्यायालय के आदेश के पालन में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की प्रतिमाएं अपने हाथों में लेकर न्यायालय में पहुंचे तथा इन्हें न्यायाधीश के सम्मुख पेश कि या।

प्रतिमाएं न्यायालय के आदेश पर जब न्यायालय में पेश होने ले जाई जा रही थीं तो भक्त पर उमड़ पड़े। बहरहाल श्रद्धालु खुश हैं कि भगवान फिर से अपने घर लौट आए हैं। मंदिर में अब पहले की तरह पूजा अर्चना और आरती शुरू हो गई है।