छतरपुर/हरपालपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

इन दिनों बैंकों में नोटबंदी जैसे हालात हैं, बैंकों में कैश का टोटा है, एटीएम खाली हो गए हैं और नगदी निकालने वालों की लाईनें लगी हैं। ऐसे में बैंक उपभोक्ता खासे परेशान हैं। वहीं बैंक प्रबंधन इस मामले में सरेंडर की पोजीशन में है।

इन दिनों शादी का मौसम चल रहा है, स्कूलों में बच्चों के एडमीशन जारी हैं और लोग रोजमर्रा के खर्चों से परेशान हैं। ऐसे में समय में उन्हें बैंकों से जमा राशि निकालने में भी पसीना आने लगा है। बैंक में कैश की किल्लत और खाली पड़े एटीएम ने उपभोक्ताओं का सिरदर्द बढ़ा दिया है। अभी तो हालात नियंत्रण में हैं लेकिन यदि ऐसे हालात आगे भी बने रहे तो अफरा तफरी का माहौल बन जाएगा। बैंक में राशि निकालने के लिए जाने वाले उपभोक्ताओं को उनके द्वारा चाही गई राशि तो नहीं दी जाती है अलबत्ता कुछ राशि के रूप में 20, 50 और 200 के नोट थमा दिए जाते हैं। बैंकों से कम राशि मिलने और एटीएम से निराश लौटने वालों के सामने अजीब स्थिति पैदा हो गई है। कैश की किल्लत ने लोगों के कामों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है वो भी तब जब अगले कुछ महीनों में चुनाव सामने है। हालात बिगड़ने से बचाने के लिए बैंक प्रबंधन वरिष्ठ स्तर तक बराबर पत्राचार कर रहा है लेकिन इस समस्या का हल अभी तक नहीं निकल सका है। छतरपुर शहर में भारतीय स्टेट बैंक की सभी शाखाओं सहित अन्य सभी सरकारी और प्राईवेट सेक्टर के बैंकों में कैश की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। खाली पड़े एटीएम से लोग निराश लौट रहे हैं जहां भी एटीएम में राशि उपलब्ध होती है वहां नोटबंदी के समय जैसी लंबी लंबी कतारें नजर आ रही हैं।

इनका कहना है

'हरपालपुर शाखा में छतरपुर और नौगांव से कैश भेजा जाता है जितना कैश आता है उसी के हिसाब से सभी को कुछ न कुछ भुगतान करने का प्रयास किया जा रहा है। कम कैश मिलने से एटीएम में कैश नहीं डाला जा रहा है। इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया है। '

पीएस राजपूत

शाखा प्रबंधक एसबीआई, हरपालपुर

खबर बाक्स में

हरपालपुर में मची अफरा तफरी

हरपालपुर कस्बे में इन दिनों नोटबंदी जैसे हालातों के चलते अफरा तफरी का नजारा देखने को मिल रहा है। बैंक से लोगों को मांगी गई राशि के बदले उससे काफी कम राशि केवल 10 या 20 रूपए के नोटों के रूप में दी जा रही है। छोटे नोटों को गिनने और ले जाने में भी दिक्कत आ रही है। शादियों के माहौल में जब लोगों की खरीददारी बढ़ जाती है तो अधिक राशि भी जरूरी होती है लेकिन बैंकों से रूपए न मिलने के कारण लोग परेशान हैं। लोगों ने बताया कि बैंकों में लगी लंबी लंबी लाईनों में घंटों तक लगे रहने के बावजूद उन्हें राशि नहीं मिल पा रही है। इन्हीं दिनों अनाज की खरीदफरोख्त भी हो रही है ऐसे में व्यापारी किसानों को रकम नहीं दे पा रहे हैं। नगर के नीलेन्द्र सिंह बुन्देला ने बताया कि उनके यहां शादी है इसके लिए राशि निकालने बैंक गया तो उन्होंने मना कर दिया और एटीएम खाली होने से भी राशि नहीं निकाल सके। संतोष त्रिपाठी ने बताया कि बैंक प्रबंधन बैंक में कैश न होने की बात करके बड़े नोटों की जगह छोटे नोट दे रहे हैं। यहां बता दें कि नगर में एसबीआई के चार एटीएम करीब दस दिनों से खाली पड़े हैं।

नोट समाचार के साथ फोटो 24 लगाएं। केप्सन है

हरपालपुर। एटीएम के आगे निराश खड़े उपभोक्ता।