Naidunia
    Thursday, April 26, 2018
    PreviousNext

    महाराजपुर अंचल में विकराल पेयजल संकट, जबाव दे गए जलस्रोत

    Published: Wed, 18 Apr 2018 01:17 AM (IST) | Updated: Wed, 18 Apr 2018 01:17 AM (IST)
    By: Editorial Team
    17 aprch 08 18 04 2018

    जीवनदायिनी कुम्हेड़ का पानी सूखा, नाकाम साबित हुई नल जल योजनाएं, ड्राई हो गए हैंडपंप

    महाराजपुर। यूं तो पूरे जिले में पानी का संकट विकराल हो चुका है, लेकिन महाराजपुर अंचल के गांवों और कस्बाई इलाकों में स्थिति भयावह होती जा रही है। क्षेत्र की एकमात्र जीवनदायिनी कुम्हेड़ नदी में लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए स्टापडेम पानी नहीं रोक पाए हैं तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की नल जल योजनाएं भी पूरी तरह से नाकाब हो गई हैं। कुओं का पानी तलहटी में पहुंच चुका है और हैंडपंप भी ड्राई हो गए है। पानी के विकराल संकट से अंचलवासी त्रस्त हैं।

    महाराजपुर तहसील अंतर्गत एक नगरपालिका, एक नगरपरिषद और 27 पंचायतें आती हैं जिनमे रहने वाली जनता के सामने पेयजल समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही हैं। गावों एवं नगर के हैंडपंप, तालाबों, नदियों एवं कुओं का पानी सूख चुका है। खेतों में दूर स्थित कुओं से ग्रामीणों को पानी लाना पड़ रहा है और इस समस्या से जनता को निजात दिलाने के लिए प्रसाशनिक अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। महाराजपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत खिरी, कुर्राहा, सेला, बिकौरा, सिंहपुर, सिंदुरखी, पड़वाहा सहित अन्य गांवों में नल जल योजनाएं बंद हो जाने से ग्रामीण पानी के लिए पसीना बहाने को मजबूर हैं।

    बाक्स में खबर

    कैसे मिल पाएगा जानवरों को पानी

    ग्राम पंचायत ऊजरा के ग्रामीणों ने बताया कि यहां पानी का मुख्य स्रोत तालाब था लेकिन अब वह सूख गया है। जिस कारण गांव के कूप एवं हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। यही हाल पूरे क्षेत्र का है। जैसे तैसे ग्रामीण घरेलू व्यवस्था के लिए पानी का इंतजाम कर लेते हैं लेकिन जानवरो को पानी पिलाने में उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ रहा हैं। टटम के ग्रामीणों ने बताया कि वे शीघ्र ही पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से पंचायत पदाधिकारियों की शिकायत कर पानी की समस्या में सुधार की मांग करेंगे।

    बाक्स में खबर

    नही हुआ सुधार तो करेंगे आंदोलन : शिवसेना

    पेयजल समस्या के निदान के लिए गंभीर दिखाई नहीं दे रहे जिम्मेदारों को चेताते हुए शिवसेना ने आंदोलन की चेतावनी दी है। महाराजपुर नगर अध्यक्ष उमाशंकर कुशवाहा ने बताया कि महाराजपुर, गढ़ीमलहरा के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है जिस कारण जनता परेशान हैं और अधिकारियों को उनकी इस समस्या से कोई सरोकार नजर नही आ रहा है। श्री कुशवाहा ने बताया कि हैंडपंप, तालाब, कूप, नदी नाले सूखे पड़े है और पानी की तलाश में आवारा जानवर भटकते नजर आते हैं। जनता के सामने पालतू जानवरो को भी पानी पिलाना मुश्किल का काम हो गया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना पहले जनता के साथ मिलकर वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन देकर सुधार की मांग करेगी और यदि जनता की समस्या का निदान नही कराया जाता है तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

    नोट समाचार के साथ फोटो 08, 09 एवं 10 का केप्सन है

    महाराजपुर। सूख गई क्षेत्र की जीवनदायिनी कुम्हेड़ नदी। 08

    महाराजपुर। ऊजरा एवं खिरी गांव में बेकार पड़ी पानी की टंकियां। 09

    महाराजपुर। हैंडपंप पर भारी बर्तनों के साथ मौजूद महिलाएं व बच्चे। 10

    और जानें :  # chhaterpur news
    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें