प्राइमरी स्कूल का हाईस्कूल में हुआ उन्नयन, लेकिन नहीं मिली सड़क

नयाताल गांव के 300 से अधिक बच्चे सड़क न बनने की परेशानी से परेशान

बिजावर। चुनावी समय में वादे तो किए जाते हैं लेकिन चुनावी जीत का वरण करने के बाद जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र और क्षेत्र की जनता के साथ किए गए वादों को भूल जाते हैं यही कारण है कि गांवों में तमाम समस्याएं मुंह बाए खड़ी रहती हैं और ग्रामीण परेशान रहते हैं। एक गांव को ही लें तो यहां लंबे अंतराल के बाद प्राइमरी स्कूल का हाईस्कूल में उन्नयन तो कर दिया गया, लेकिन सड़क न मिलने के कारण बच्चे दलदल युक्त मार्ग को बमुश्किल पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं।

जनपद पंचायत बिजावर के अंतर्गत ग्राम पंचायत नयाताल और उसके मजरों को जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा भारी पड़ रही है। ग्राम नयाताल से कोंढ़न मोहल्ला तक की लगभग एक किलोमीटर दूरी की सड़क ने बरसाती मौसम में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता की कलई खोलकर रख दी है। नयाताल के पड़ोसी मोहल्ला कोंढ़न में प्राईमरी स्कूल का उन्नयन हाईस्कूल तक कर दिया गया है। स्कूल खुल चुके हैं और बच्चे भी साफ सुथरी गणवेशों में स्कूल जाने लगे हैं। गांव और घर से लगभग एक किमी की दूरी स्कूली बच्चों को बरसाती मौसम में अखरने लगी है कारण यह है कि एक किमी के कच्चे मार्ग को पिछले पांच सालों के अंतराल में डब्ल्यूबीएम तक नहीं कराया गया है। सुबह से बच्चे जब स्कूल जाते हैं तो उन्हें यह कच्ची सड़क भारी मुश्किल पड़ती है। दरअसल साफ सुथरी ड्रेस में जाने वाले बच्चों को दलदल युक्त सड़क से खुद को बचाकर निकलना पड़ता है। इस एक किमी के मार्ग में एक पुलिया भी खस्ताहाल पड़ी हुई है। इस गांव में क्षेत्रीय विधायक और सांसद आ चुके हैं लेकिन इस सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। बच्चे ही नहीं बल्कि गांव के अन्य सभी लोगों को इस दलदल युक्त सड़क से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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सिर्फ दो मांगे रहीं, एक पूरी एक अधूरी

ग्राम पंचायत नयाताल में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों की सिर्फ दो मांगे ही रही हैं। गांव से बाहर बच्चे पढ़ने न जाएं इसलिए गांव में ही हाईस्कूल और इस स्कूल तक गांव से पहुंचने वाली सड़क का निर्माण करने की मांग ग्रामीणों ने जब की तो जनप्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वस्त कर दिया था। चार अप्रैल 2014 में विधायक पुष्पेन्द्रनाथ पाठक चुनाव जीतने के बाद गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनकी न सिर्फ आत्मीय अगुवानी की बल्कि यह दोनों मांगे पुनः रख दीं। विधायकी का कार्यकाल पूरा होता इसके पहले ही हाईस्कूल तो मिल गया, लेकिन सड़क का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार 16 मई 2016 को क्षेत्रीय सांसद एवं वर्तमान केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार भी गांव पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की तब ग्रामीणों ने फिर से रोड बनवाने की मांग उठाई। सांसद श्री कुमार ने आश्वासन देकर चले गए लेकिन सड़क का निर्माण नहीं हो सका।

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बरसात भर निकलना हो जाता मुश्किल

ग्राम पंचायत नयाताल के ग्रामीण रतिराम यादव, शंकर यादव, रतिराम सेन, अश्वनी तिवारी, राजेश, महेन्द्र तिवारी, पंचू अहिरवार, बालकिशन प्रजापति, छन्नू सेन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पूरे बरसात के मौसम में इस मार्ग से निकलना मुश्किल हो जाता है। गांव का यह मुख्य मार्ग है जिससे वाहन और पैदल लोग निकलते हैं। एक झला बारिश में ही यह मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है तब लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गेहूं पिसाकर आ रहे एक ग्रामीण बालकिशन यादव ने कहा कि गांव में यूं तो तमाम समस्याएं हैं लेकिन हमारे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि केवल सड़क को ही सुधार दें तो आधी समस्या हल हो जाएगी। अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि सड़क का निर्माण नहीं किया जाता है तो विधानसभा चुनाव में विरोध किया जाएगा।

नोट समाचार के साथ फोटो 08 का केप्सन है

बिजावर। गंदगी से पटी पड़ी कच्ची सड़क।