छतरपुर। जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में अचानक आग लग जाने और बचाव के लिए आए चिकित्सकों की तत्परता को देखकर समाजसेवियों ने चिकित्सकों का सम्मान किया है।

अस्पताल के एसएनसीयू में जब आगजनी की घटना हुई थी तब लगभग 3 दर्जन मासूम भर्ती थे। ड्यूटी पर तैनात डॉ. ऋषि द्विवेदी ने दौड़कर अग्निशामक यंत्र लाकर आग बुझाई तो खुद झुलस गए लेकिन एक तरफ आग बुझाते रहे और दूसरी तरफ स्टाफ की सिस्टर जया श्रीवास्तव और संगीता जैन ने सभी बच्चों को बच्चा वार्ड में शिफ्ट किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर डॉ. ऋषि द्विवेदी ने साहस नहीं दिखाया होता तो बड़ा हादसा घटित हो सकता था। कोहराम जैसी स्थिति निर्मित हो सकती थी लेकिन डॉ. ऋषि ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दौड़ कर बच्चों को शिफ्ट कराया। उनके इस सराहनीय कार्य को देख छतरपुर के समाज सेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार हरि अग्रवाल, शंकर सोनी, चेतन सोनी, अमित उर्फ गुड्डू सोनी, गिरजा पाटकर, महेश अवस्थी, देवेन्द्र अनुरागी, राधेश्याम सोनी ने शाल श्रीफल एवं माला पहनाकर पूरी टीम का सम्मान किया।

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छतरपुर। सम्मानित चिकित्सकों के साथ समाजसेवी।