तामिया। सांगाखेडा क्षेत्र में हर साल महाशिवरात्री मेले की शुरुआत के साथ अब यहां आनेजाने वालो का सिलसिला शुरू हो गया है। जिले के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल तामिया के सांगाखेडा क्षेत्र स्थित बड़ा महादेव मार्ग में जहा भुराभगत के पास सतपुड़ा पर्वत श्रेणियां मनमोह लेता है। वहीं तामिया में छोटा महादेव होने के साथ-साथ तामिया से पिपारिया रोड में छह किमी दूरी पर लखन बाबा गोलाई भगवान शिव के शिवलिंग आकार में नजर आता है। तामिया में सर्पिलाकार रास्ता पहाड़ी स्थल मसूरी की याद दिलाता है।

सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में तामिया से मटकुली मार्ग पर छह किलोमीटर दूर दुर्गम रास्ते के आडे टेड़े मार्ग पर स्थित सिंहवाहिनी नैनादेवी तुलतुला मंदिर के आगे बंजारी माता मंदिर है। इसी मार्ग में एक छोटी सी पहाड़ी पर लखन बाबा मोड़ पर शिवलिंग जैसी सुंदर आकृति नजर आती है। उंचाई से देखने पर घुमावदार मोड़ मे बीच की पहाडी शिवलिंग बनी हुई है सड़क के घुमाव से पिण्डी आकार पर मार्ग बना हुआ है। यहां से गुजरने वाले पर्यटकों को ये मोड़ लुभाते हैं। तामिया की सुन्दर पहाड़िया प्राकृतिक सौंदर्य ,शांति और सुरक्षित वातावरण चारों तरफ से घना जंगल बीच मे ऊंची पहाड़ी के बीच पिण्डी नुमा आकृति सूर्यास्त के सुंदर नजारा देखने लोग शाम के समय पहुंचते हैं।

तामिया के वरिष्ठ नागरिक भागचंद साहू बताते हैं कि हमने भी बुजुर्गो से सुना है कि यहां लखन बाबा की गुलाई पर अमावस्या को पहाड़ी पर दीप प्रज्वलित होता है। वहीं इस घुमावदार मार्ग पर पहले भी कई बड़े हादसे भी हो चुके हैं। केटी कंपनी द्वारा छह साल पहले सडक निर्माण के बाद यहा रैलिंग और रिटर्निंग ग वाल का निर्माण कराया गया वही बारिश में यहा भूस्खलन के चलते रास्ता बंद होने की समस्या सामने आ चुकी है। बंजारी माता मंदिर के पीछे से इस पहाड़ी से फोटोग्राफी करने के लिये महाराष्ट के सैलानी ओर पर्यटक इस स्थल पर जाते हैं। तामिया से कुआबादला तक दस किमी घुमावदार रास्ता है लेकिन यहा की प्राकृतिक सुंदरता लोगों का मन मोह लेती हैं बारिश के दिनो में चारों तरफ से झर झर झरते झरने हरी भरी पहड़िया ओर पक्षीयो की चहचहाट यात्रियों की थकान पलभर में दूर कर देती है।