छिंदवाड़ा। जबलपुर से आई लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग(पीएचई) के सिवनी कार्यालय में पदस्थ उप यंत्री प्रदीप तिवारी के छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर स्थित घर पर छापामार कार्रवाई की। 70 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाला तिवारी करीब 5 करोड़ की संपत्ति का मालिक निकला। सुबह से शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक चलती रही।

जानकारी के अनुसार लोकायुक्त को शिकायत मिली थी कि उप यंत्री प्रदीप तिवारी के पास बेनामी संपत्ति है। इसी के चलते सुबह करीब साढ़े पांच बजे लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने छिंदवाड़ा के राजपाल चौक स्थित प्रदीप तिवारी के घर पर छापा मारा। टीम का परिचय मिलते ही तिवारी और उसके परिजन भौंचक्के रह गए।

यह मिली संपत्ति

लोकायुक्त टीम के अनुसार शाम तक तिवारी के घर करीब 25 लाख रुपए की घरेलू सामग्री, 9 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने, 2 लाख रुपए कैश, एक-एक बोलेरो, स्कूटी और पल्सर वाहन, छिंदवाड़ा के पाटनी कॉम्पलेक्स एवं कृष्णा टॉवर में दो दुकानें, खान कालोनी, राजपाल चौक सहित तीन मकान के दस्तावेज मिले। इसके अलावा नरसिंहपुर में एक मकान, 12 एकड़ जमीन, अलग-अलग बैंक खातों में करीब 12 लाख रुपए कैश जमा होने के सबूत मिले। इन सबका प्रारंभिक मूल्य करीब 5 करोड़ रुपए माना गया है। दोनों शहरों में टीम की कार्रवाई देर शाम तक जारी थी। जिससे और भी संपत्ति मिलने के आसार हैं।

1980 में हुआ था नौकरी में भर्ती

लोकायुक्त डीएसपी जेपी वर्मा के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में उप यंत्री प्रदीप तिवारी ने बताया कि उसने वर्ष 1980 में छिंदवाड़ा के पीएचई विभाग की मैकेनिकल शाखा में नौकरी ज्वाइन की थी। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले उसे सिवनी स्थानांतरित किया गया था। 39 वर्ष की नौकरी में ही उसने यह सारी चल-अचल संपत्ति जमा की है। वर्तमान में सभी भत्ते मिलाकर उसका वेतन करीब 70 हजार रुपए मासिक है।

कार्रवाई की है

पीएचई के उपयंत्री प्रदीप तिवारी के खिलाफ बेनामी संपत्ति की शिकायत मिली थी। जिस पर टीम ने छापा मारा है। अब तक करीब 5 करोड़ की चल-अचल संपत्ति सामने आ चुकी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद कुल संपत्ति का आकलन कर प्रकरण बनाया जाएगा।

-अनिल विश्वकर्मा, एसपी लोकायुक्त जबलपुर