छिंदवाड़ा, नवदुनिया प्रतिनिधि। मैं भी रानी, तू भी रानी कौन भरेगा पानी ... यह कहावत कहते हुए एक विवाहिता ने आवेदन दिया कि वह अपने ससुराल में रहती है, लेकिन उस ससुराल में उसकी विवाहित ननद भी रहती है। जिससे रोजाना काम की बात को लेकर कहासुनी होती है। जिसको लेकर वह परेशान हो चुकी है।

बार-बार पति एवं ससुराल पक्ष के अन्य लोगों को इस बात की जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने भी उसकी नहीं सुना। इस कारण वह अब पति से तलाक लेकर अलग रहना चाहती है। इस मामले को केन्द्र में विचाराधीन रखा गया।

परामर्श केन्द्र में रहने वाली एक विवाहिता ने आवेदन दिया कि उसकी शादी करीब 3 माह पहले हुई है। शादी के बाद से वह अपने ससुराल में ही रह रही है। लेकिन उसके ससुराल में उसकी विवाहित ननद भी रहती है, जो ससुराल के पास ही जॉब करती है। इधर ससुराल में रहते हुए उसे काम करना पड़ता है। जहां कभी कभार वह अपनी ननद से भी हाथ बटाने के लिए कहती है, तो उल्टा ननद उसे ही काम करने के लिए कहती है।

इसके साथ ही आए दिन हुकूम भी देती है। इस बात को लेकर दोनों के बीच कुछ दिनों से लगातार घर में कहासुनी हो रही है। इस कहासुनी के कारण वह परेशान हो गई और अब वह अपने मायके में रहने लगी हैं। इधर विवाहिता ने केन्द्र में मौजूद काउसंलरों से कहा कि जब तक उसकी ननद उसके ससुराल में रहेगी, तब तक वह अपने ससुराल नहीं जाएगी। जरूरत पड़ी तो वह पति से तलाक तक ले लेगी।

इधर विवाहिता ने ननद की हरकतों के कारण पति के साथ भी रहने से इंकार कर दिया। केन्द्र में इस मामले को विचाराधीन रखा गया।