छिंदवाड़ा। बुधवार को पातालकोट एक्सप्रेस में बैग गिरने से घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए रेलवे प्रबंधन के पास स्ट्रेचर भी उपलब्ध नहीं था। आरपीएफ के जवान ने महिला को कंधे पर बैठाकर स्टेशन के बाहर तक छोड़ा। जहां से आटो से महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जाता है कि ट्रेन जब छिंदवाड़ा आई तो अचानक एक यात्री का बैग जुन्नारदेव निवासी गर्भवती महिला ममता मालवीय के पेट में गिर गिया। बैग गिरते ही पीड़िता दर्द से कराहने लगी। जिसके बाद महिला को आनन-फानन में अस्पताल में ले जाया गया। स्टेशन में पीड़िता को स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं हुआ। जब इस बात की जानकारी आरपीएएफ और जीआरपी को मिली तो आरपीएफ के मनीष कुमार कंधे पर महिला को बिठा स्टेशन के बाहर आटो तक ले गए। आटो से महिला को निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया है। आरोपी रमेश को जीआरपी थाने में बैठाकर रखा गया है।

दो घंटे लेट थी पातालकोट एक्सप्रेस

पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन दो घंटे की देरी से चल रही थी, जैसे ही ट्रेन पातालकोट एक्सप्रेस सुबह 12 बजे छिंदवाड़ा स्टेशन पर आई। इस दौरान ही जुन्नारदेव के वार्ड नंबर 20 की निवासी महिला ममता पति रोशन मालवी छिंदवाड़ा से जुन्नारदेव जाने के लिए ट्रेन में बैठी, ट्रेन में ही दूसरे यात्री का बैग लटका हुआ था, ट्रेन चलने से पहले ही बैग गिर गया, जिसके कारण महिला मौके पर ही चीखने लगी। इस दौरान महिला के साथ कोई नहीं था, जैेसे ही इस बात की जानकारी स्टॉफ को लगी तो आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। मौके पर मौजूद स्टेशन मास्टर आरके बाजपेयी से स्ट्रेचर मांगा गया तो उन्होंने स्टॉफ नहीं होने का हवाला दिया। हालत ये थी कि आरपीएफ के जवान ने अपने कंधे पर महिला को बैठाकर स्टेशन के बाहर आटो तक छोड़ा। घटना के बाद परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल में इलाज की मांग की, जिसके बाद फिलहाल महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां जच्चा और बच्चा फिलहाल सुरक्षित हैं।

यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर जनरल डिब्बे में बैग या अन्य लगेज रखने का कोई नियम नहीं रहता । न ही वजन की कोई सीमा रहती है। एक के उपर एक दर्जनों बैग लदे ट्रेन में नजर आ जाते हैं। रेलवे के अधिकारियों का भी मानना है कि इसे लेकर कोई नियम फिलहाल स्पष्ट नहीं है। ऐसे में नागरिक ट्रेन में बैग रखने की जगह के नीचे या सुरक्षा के कोई अन्य उपाय बनाने की मांग कर रहे हैं।

सामान सुरक्षित रखने की व्यवस्था हो

रेलवे में रखे जाने वाली बैग की सुरक्षा को लेकर रेलवे को कदम उठाना चाहिए। अगर यही स्थिति रही तो फिर यात्री को समस्या होगी - पीयूष शर्मा वकील

कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं

हम इस बारे में जानकारी जुटा रहे हैं, ट्रेन स्टाफ से भी बात करेंगे। जहां तक बैग की सुरक्षा की बात है, इसे लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं है - बीवीआर नायडू, पीआरओ