भोपाल। राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा, वृद्धावस्था, नि:शक्तजन समेत सभी पेंशन योजनाओं से बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन) की शर्त हटाने जा रही है। यानी बीपीएल सूची से बाहर के हितग्राहियों को भी शेष शर्तें पूरी करने पर योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। विभाग जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए मंत्रिपरिषद को भेज रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 37 लाख से ज्यादा हितग्राही इन योजनाओं को लाभ ले रहे हैं।

मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारत सरकार ने केंद्र प्रवर्तित पेंशन योजनाओं से बीपीएल की शर्त हटा दी है। अब राज्य सरकारें अपने प्रदेशों में लागू योजनाओं से यह शर्त हटा रही हैं। मप्र में शर्त हटने के बाद हितग्राहियों की संख्या 50 लाख से ज्यादा हो सकती है।

इसे देखते हुए सामाजिक न्याय विभाग योजनाओं को बीपीएल की शर्त से मुक्त करने के बाद सरकारी खजाने पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रहा है। केंद्र सरकार के इस फैसले का फायदा 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अभी तक लगभग सभी पेंशन योजनाओं के लिए बीपीएल सूची में नाम होने और हितग्राही आयकरदाता नहीं होने की शर्त समान है। शेष शर्तें सभी की अलग-अलग हैं। इनमें से बीपीएल की शर्त हटने से बड़ी संख्या में लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा। सूत्र बताते हैं कि अलग-अलग क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि पेंशन में बीपीएल के बंधन को खत्म करने का मामला सत्ता और संगठन स्तर पर उठा चुके हैं।

ये हैं योजनाएं

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, जनश्री योजना सहित अन्य।