भोपाल, नईदुनिया ब्यूरो। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दल तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में अभी 14 जिलों में संगठन अधूरा है। विधानसभा चुनाव में टिकट चाहने वाले दावेदारों के बीच समन्वय नहीं बैठ पाने से संगठन गठन के कामकाज में कई तरह की बाधाएं आईं। जिलों और ब्लॉक में संगठन को बनाने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने भी 25 सितंबर की अंतिम तारीख दी थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ कई बार बयान दे चुके हैं कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का भाजपा के संगठन बल और धन बल से मुकाबला है, इसलिए संगठन को मजबूत करने के लिए उन्होंने चार महीने तक काम किया।

इस बार प्रदेश कांग्रेस संगठन का परिसीमन हुआ है, जिसमें 800 से ज्यादा ब्लॉक बने हैं जबकि पहले 488 ही थे। एआईसीसी ने भी जिला व ब्लॉक कमेटियों को लेकर कई स्तर पर मॉनीटरिंग की और पर्यवेक्षक भी भेजे। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एआईसीसी की चिंता है कि संगठन के नीचे तक के पदों को जल्द से जल्द भर दिया जाए, लेकिन स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय नहीं बैठ पाने से अब तक कई ब्लॉक कमेटियां नहीं बन सकी हैं।

सूत्रों के मुताबिक भोपाल शहर, इंदौर शहर सहित शिवपुरी, अशोक नगर, सागर ग्रामीण, अनूपपुर, उमरिया, होशंगाबाद, विदिशा, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन जैसे कुछ जिलों में अभी तक ब्लॉक कमेटियों की घोषणा नहीं हुई है। सालभर में भी नहीं हुआ गठन प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संगठन बनाने को लेकर करीब एक साल से कवायद चल रही है। प्रदेश प्रभारी महासचिव दीपक बाबरिया के यहां आने के बाद तेजी आई थी। मई के पहले तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने जिला, ब्लॉक के साथ मंडलम-सेक्टर के नए कॉन्सेप्ट पर काम किया तो उनके बाद कमलनाथ पांच महीने से इसमें लगे थे। पहली बार संगठन में जिला कमेटियों में कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए। इसमें करीब 65 नेता समायोजित किए गए।

अपने समर्थक को अध्यक्ष बनाने की चाह

सूत्र बताते हैं कि आज की स्थिति में संगठन की रीढ़ मानी जाने वाली ब्लॉक कमेटियों को लेकर टिकट के दावेदारों में ही समन्वय नहीं बैठ पाया है। भोपाल में विधायक आरिफ अकील सहित कई दावेदार ब्लॉक कमेटी में अपने-अपने अध्यक्ष बनाने की होड़ में हैं, जिसके चलते अब तक 21 ब्लॉक में से एक भी अध्यक्ष घोषित नहीं हो सका है। वहीं, इंदौर में 20 नंबर ब्लॉक में टिकट की दावेदारी कर रहे पंकज संघवी से रघु परमार, विपिन खुजनेरी जैसे नेता अड़े रहे। शिवपुरी में विधायक शकुंतला खटीक, हरिवल्लभ शुक्ला और केशव सिंह सहित कुछ अन्य नेताओं के कारण दो ब्लॉक अटके थे।

कुछ कमेटियां बन गई हैं, घोषित होना बाकी जिलों और ब्लॉक कमेटियों के गठन में काफी मेहनत की गई है। कुछ जिलों में ब्लॉक कमेटियां बन गई हैं और उनकी घोषणा होना बाकी है। जल्द ही सभी कमेटियों की घोषणा हो जाएगी। - शोभा ओझा, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग