इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बहुचर्चित कविता रैना हत्याकांड में शुक्रवार को मुल्जिम के बयान हुए। कोर्ट ने उससे 334 सवाल पूछे। ज्यादातर सवालों के बाद आरोपी बोला- आरोप गलत हैं या मुझे पता नहीं। अंत में कहा कि असली आरोपी को बचाने के लिए पुलिस उसे फंसा रही है। आरोपी ने एक आवेदन भी दिया। इसमें कहा है कि वह अपने बचाव में 'नईदुनिया' व दो अन्य अखबारों के संवाददाताओं के कोर्ट में बयान करवाना चाहता है। कोर्ट अब 19 फरवरी को बहस सुनने के बाद तय करेगी कि संवाददाताओं को बुलाया जाए या नहीं।

24 अगस्त 2015 को मित्रबंधु नगर निवासी कविता रैना घर से गायब हो गई थी। दो दिन बाद उसका शव नौलखा क्षेत्र से बहने वाले नाले में मिला। शव बोरे में बंधा था। पुलिस ने इस मामले में कॉलोनी में ही रहने वाले महेश बैरागी को आरोपी बनाया है। उसकी तरफ से सीनियर एडवोकेट चंपालाल यादव पैरवी कर रहे हैं, जबकि अभियोजन का पक्ष एजीपी एनए मंडलोई और राकेश पालीवाल रख रहे हैं। शुक्रवार को सेशन जज बीके द्विवेदी की कोर्ट में बैरागी के बयान हुए।

19 को होगी आवेदन पर बहस

सीनियर एडवोकेट यादव ने बताया उन्होंने आरोपी की तरफ से एक आवेदन पेश किया है। इसमें मांग की है कि घटना की रिपोर्टिंग करने वाले तीन अखबारों के संवाददाताओं के कोर्ट में बयान कराए जाएं। इन्होंने घटनाक्रम को करीब से देखा है, इसलिए इनकी गवाही कोर्ट में महत्वपूर्ण बचाव साक्ष्य साबित हो सकती है। 19 फरवरी को कोर्ट आवेदन पर बहस सुनने के बाद यह तय करेगी।