- पूर्व में जीका के 7 संदिग्ध मरीज मिले थे

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

राजधानी भोपाल के चार इमली क्षेत्र में जीका के 22 नए संदिग्ध मरीज मिले हैं। इनमें 5 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। इसके पहले भोपाल में 7 जीका संदिग्ध मरीज मिल चुके थे। इस तरह अकेले भोपाल में 29 जीका के संदिग्ध मरीज मिले चुके हैं। वहीं विदिशा व सीहोर के प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 56 जीका संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं। इस तरह प्रदेश में अभी तक कुल 85 जीका संदिग्ध मिल चुके हैं।

राजधानी भोपाल में जीका बुखार का खतरा लगातार बढ़ रहा है। भोपाल जिले के 60 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। शनिवार को इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट आई है। इसमें 22 नए जीका संदिग्ध मरीज मिले हैं। गंभीर बात यह है कि इनमें 5 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। बता दें कि पूर्व में भोपाल में जीका बीमारी के 7 संदिग्ध मरीज मिले चुके हैं।

एम्स में भर्ती जीका संदिग्ध मरीज की मौत

शनिवार को भोपाल में एक जीका संदिग्ध मरीज की मौत होने की सूचना है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पूर्व में भी तीन जीका संदिग्ध मरीजों की मौत की खबर आ चुकी हैं लेकिन अधिकारियों ने अभी तक अधिकारिक रूप से एक भी मरीज की मौत जीका से होने की बात स्वीकार नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को जिस जीका संदिग्ध मरीज की मौत हुई है वह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मेडिसिन विभाग में भर्ती था जहां उसका इलाज चल रहा था इसी दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि जिन मरीजों की अब तक मौत हुई वे जीका संदिग्ध के अलावा अन्य बीमारियों से भी पूर्व से पीड़ित थे।

चार इमली क्षेत्र में सर्वे तेज

जीका बुखार के बढ़ते खतरे को देखते हुए शनिवार मुख्य सचिव बीजी सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जीका को लेकर अधिकारियों से सीधी बात की और कहा कि किसी भी तरह जीका पर नियंत्रण जरूरी है इसके लिए जो भी कदम उठाने पड़े, वे तत्काल उठाए जाएं। जीका प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से सर्वे का काम पूरा करें। संभावित मरीजों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को जीका के माइक्रो प्लान की प्रतिदिन समीक्षा कर शासन को रिपोर्ट से अवगत कराने के निर्देश दिए।

इस तरह की जा रही रोकथाम

1- सभी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार टेमीफोस से लार्वा नष्ट करने के साथ ही फॉगिंग की जा रही है। साथ ही गर्भवती महिलाओं पर खास निगरानी रखकर उनकी सोनोग्राफी कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।

2- जीका वायरस के लार्वा को नष्ट करने के लिए टेमीफोस व वयस्क मच्छर के खत्म करने के लिए साइफिनोथ्रीम व पायरीथ्रीम का छिड़काव किया जा रहा है।