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    परिजन बोले- भैसों का लेनदेन चुकता होने के बाद भी आरोपी मांग रहे थे रुपए

    Published: Wed, 15 Nov 2017 08:30 PM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 08:30 PM (IST)
    By: Editorial Team

    दमोह। नईदुनिया प्रतिनिधि

    पथरिया के भोजपुर खैरा गांव निवासी किसान की आत्महत्या के मामले में जेरठ चौकी पुलिस ने बुधवार को मृतक किसान के परिजन के बयान लिए। पुलिस ने किसान की पत्नी के अलावा परिवार के कई लोगों के बयान लिए, जिसमें सभी ने दो आरोपियों पर जबरन रुपए वसूलने का आरोप लगाया है। यहां गौर करने की बात ये है कि एक दिन पहले मृतक किसान के बेटे ने दमोह निवासी मुकेश यादव व साबिर खान पर यह आरोप लगाया था कि नोटबंदी के दौरान आरोपियों ने उनके पिता को दो लाख रुपए बदलने के लिए दिए थे, जिसके एवज में पिता से एक ब्लेंक चेक और स्टांप लिखवाया था। रुपए देने के बाद भी आरोपी पिता से रुपए मांग रहे थे, जिससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या की है। जबकि बुधवार को पुलिस को दिए बयान में ये बात किसी ने नहीं बताई।

    जेरठ चौकी प्रभारी एएसआई एस कनौजया ने बताया कि वह सुबह मृतक किसान रामा पटैल (55) के घर पहुंचे थे। परिजन द्वारा लगाए गए आरोपों के मामले में सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। किसान की पत्नी फूलरानी व अन्य परिजन ने बताया कि उनके पति रामा ने आरोपी मुकेश व साबिर खान से काफी समय पहले भैसों का लेनदेन किया था, जिसकी राशि अदा कर दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी आरोपी उनसे दोबारा रुपए देने के लिए दबाव बना रहे थे और उन्हें दमोह दूध बांटने आने के दौरान जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे उनके पिता परेशान थे और इसी कारण उन्होंने ये कदम उठाया। चौकी प्रभारी श्री कनौजया ने बताया कि नोटबंदी के दौरान रुपए के लेनदेन से जुड़ी कोई भी बात परिजन ने नहीं बताई है। उनका केवल यही आरोप है कि भैसों का लेनदेन चुकता होने के बाद भी आरोपी उनसे दोबारा रुपए मांग रहे थे। कुछ समय पहले किसान ने जो भैंसे खरीदीं थी वह बैंक से फाइनेंस हुईं थीं।

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