बनवार। नईदुनिया न्यूज

बम्होरी माला मानगढ़ में श्रीराम यज्ञ व श्रीराम कथा का आयोजन सोमवार से शुरू हो गया। आयोजन के दूसरे दिन यज्ञ शाला में सीता शरण महाराज के सानिध्य मैं दैनिक पूजन प्रारंभ हुआ। इसके बाद आरती की गई। यज्ञ परिक्रमा के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आ रहे हैं।

श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ में शास्त्री अच्युत्यानंद ने मां सती चरित्र, पार्वती जन्म, तप, प्रेम परीक्षा की कथा प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव शंकर का चरित्र अत्यधिक रोचक है। पौराणिक कथाओं में गूढ़ रहस्यों से भी भरा हुआ है। पौराणिक कथाओं में भगवान शिव को विश्वास का प्रतीक माना गया है। क्योंकि उनका अपना चरित्र अनेक विरोधाभासों से भरा हुआ है। जैसे शिव का अर्थ है जो शुभकर व कल्याणकारी हो, जबकि शिवजी का अपना व्यक्तित्व इससे जरा भी मेल नहीं खाता। क्योंकि वे अपने शरीर में इत्र के स्थान पर चिता की राख मलते हैं और गले में फूल, मालाओं के स्थान पर विषैले सर्प धारण करते हैं। यही नहीं भगवान शिव को कुबेर का स्वामी माना जाता है जबकि वे स्वयं कैलाश पर्वत पर बिना किसी ठोर, ठिकानों के यूं ही खुले आकाश के नीचे निवास करते हैं।