पथरिया। जैन धर्म के पर्यूषण पर्व के मौके पर सभी जैन मंदिरों में धार्मिक आयोजन चल रहे हैं। इसी क्रम में पथरिया के शांतिनाथ जैन मंदिर में भी आयोजन चल रहे हैं। यहां पर अनूपपुर जिले के कोतमा निवासी 11 वर्षीय संयम शास्त्री मौजूद हैं जो श्रावकों को धर्म की शिक्षा दे रहे हैं। रविवार को संयम ने क्षमा एवं मार्दव धर्म के प्रवचन देते हुए कहा की क्षमा सज्जनों का तथा क्रोध दुर्जनों का आभूषण है। क्रोध और अहंकार में आदमी अपने कुल का नाश कर लेता है। व्यक्ति को मां, महात्मा एवं परमात्मा की सेवा स्वयं करना चाहिए। हमें आठ प्रकार के मानों से बचना चाहिए जिसमें जाति, कुल, प्रतिष्ठा, रूप, धन, बल, ज्ञान, त्याग का अहंकार नहीं करना चाहिए। व्यक्ति का कुल पिता का तथा जाति मां की होती है इसलिए हमें उनकी सेवा कर किसी भी प्रकार के अहंकार से बचना चाहिए।