नरसिंगढ़, खड़ेरी। नईदुनिया न्यूज

1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ खड़े होकर अपनी शहादत देने वाले जिले के अमर शहीदों की याद में रविवार को एक पदयात्रा का आयोजन किया गया। जेरठ गांव से शुरू इस पदयात्रा की अगुवाई सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने की। वे अनेक लोगों के साथ 18 किमी की पदयात्रा कर नरसिंहगढ़ पहुंचे जहां शहीद स्थल पर यात्रा का समापन किया गया।

सांसद श्री पटेल ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे क्रांतिकारी वीरों ने जन्म लिया है। वह खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि ऐसे वीरों की भूमि से वह सांसद बने हैं। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा उन शहीदों के सम्मान में की गई है और इसलिए भी कि आने वाली पीढ़ी इन शहीदों के बारे में जान सके और खुद को गौरवान्वित महसूस कर सके कि उनके जिले से भी ऐसे वीरों ने जन्म लिया है।

जेरठ से शुरू नरसिंगढ़ में समापन

पदयात्रा का शुभारंभ सुबह 9 बजे जेरठ गांव से किया गया। पदयात्रा जेरठ से होकर से पिपरियाचंद धौराज, तिरमुंडा, हिंगवानी, बरोदा, चैनपुरा होते हुए नरसिंहगढ़ के फसिया नाला के समीप स्थित शहीद स्थल पर नीम के पेड़ के समीप पहुंची। सांसद श्री पटेल ने बताया कि जिले के अमर शहीदों में शामिल हीरालाल लोधी, हिंदूपुर लोधी, देवकरण लोधी विश्राम सिंह लोधी, सुरनीत सिंह लोधी, मोरे सिंह लोधी, सोने सिंह की गिरफ्तारी के लिए उन पर फिरंगी सरकार द्वारा दो-दो सौ रुपए घोषित किया गया था। वहीं सूबेदार रघुनाथ राव करमरकर, रामचंद्र राव करमरकर पंडित अजब दस तिवारी सहित व उनके परिवार के 13 लोगों को नरसिंहगढ़ के फसिया नाला में लगे नीम के पेड़ पर फंदे से लटका दिया था, इनमें एक दूध पीता बच्चा भी शामिल था।

वंशजों का किया सम्मान

शहीदों के सम्मान में निकाली गई इस पदयात्रा के समापन पर सांसद श्री पटेल ने शहीदों के वंशजों में शामिल शहीद अजबदास तिवारी के वंशज नवीन तिवारी और रघुनाथ राव करमरकर के वंशज विजय करमकर को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पदयात्रा आयोजक समिति अध्यक्ष नर्मदा सिंह एकता, पथरिया विधायक लखन पटेल, जिपं अध्यक्ष शिवचरण पटेल, दमोह नपाध्यक्ष मालती असाटी के अलावा अनेक समर्थक व बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल थे।