तेंदूखेड़ा। नईदुनिया न्यूज

गणेश स्थापना के साथ ही जैन समाज के पयूर्षण पर्व शुरू हो गए हैं। शांतिधाम मंदिर में मुनि आदित्य सागर और छुल्लक सिद्घेश्वर सागर विराजमान हैं। अपने प्रवचनों के दौरान आदित्य सागर महाराज ने कहा कि आज मनुष्य के अंदर अहंकार अधिक देखने मिलता है और यही उसकी बर्बादी के कारण हैं। जिस तरह रावण महाज्ञानी होने के बाद भी उसे अपने धन और बल पर अंहकार था। सीाता माता को सुरक्षित बिना युद्ध के वापस भेजने भगवान राम और लक्ष्मण ने कई बार प्रस्ताव दिया, लेकिन रावण अपने अहंकार में था और अंत में उसका क्या हाल हुआ यह सभी ने देखा है। हमें छोटे-बड़े सभी का आदर करना चाहिए।