तेंदूखेड़ा। नईदुनिया न्यूज

ब्लाक के अमवाही गांव निवासी हुकुम लोधी बमनोदा के समीप तगरा के जंगलों में रहता है। वहीं उसकी भैसें बांधी जाती हैं। गुरुवार की सुबह वह दूध लगाने के बाद गांव वापस आ गया और अपने बेटे राजा लोधी 13 और बेटी फोटो बाई 17 को टपरिया में ही छा़ेड आया। जब पिता वापस लौटा तो उसके दोनों बच्चे वहां नहीं मिले। आसपास के लोगों से जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि सुबह दस बजे तक बच्चे यहीं थे इसके बाद जानकारी नहीं। दिनभर खोजबीन करने के बाद अगले दिन परिजन तेंदूखेड़ा थाने पहुंचे और पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

परिजनों ने बच्चों के गुम होने के बाद जब खोजबीन की तो पता चला कि दोनों बच्चों को नाग बाबा के पास एक वनकर्मी ने देखा था। उनसे जब वनकर्मी ने बात की तो बच्चों ने भैंस खोजने की बात कही थी। इसी दौरान रामादेवी गांव के कुछ लोगों ने राजा और फोटो को तालाब के पास देखा उसके बाद वह किसी को नजर नहीं आए। गुम हुए बच्चों के पिता हुकुम लोधी ने बताया कि उसकी पांच लड़कियां और दो लड़के हैं। जिनमें से चार लड़कियों और एक लड़के की शादी हो गई है। अब केवल बेटा और बेटी ही उसके पास रहते हैं। थाना प्रभारी जेपी ठाकुर ने बताया कि गुम हुए बच्चों की तलाश की जा रही है। पुलिस की एक टीम जबलपुर भेजी थी, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।