बनवार। नईदुनिया न्यूज

मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है यह बात शास्त्र में भी बताई गई है, लेकि न आज के समय वे लोग बिरले ही होते हैं जो मानव सेवा कर सकें । क्योंकि भागदौड़ भरी जिंदगी में सड़क पर चलने वाले लोगों पर कोई ध्यान नहीं देता कि शायद इसे हमारी जरूरत है। ऐसी ही मानवता की मिशाल पेश की है अभाना निवासी विनोद जैन ने जिन्होंने 15 मार्च को बस स्टैंड पर गंदगी से लिपटे घायल मूक बधिर को देखकर अपनी मानवता का परिचय दिया। वह मुह से कु छ बोल नहीं पा रहा था और उसके पैर के जख्म में कीड़े पड़ गए थे। यह देखकर श्री जैन ने सबसे पहले उसे खाना खिलाया और फिर स्वास्थ्य कें द्र ले जाकर उसका इलाज कराया। इसके बाद घर ले जाकर सोने, ठहरने की व्यवस्था की। इलाज हो जाने और खाने, पीने के बाद जब उसकी सेहत में सुधार हुआ तो उन्होंने उसकी कटिंग करवाकर साफ कपड़े पहनाकर फिर डॉ. से इलाज कराया। आज उसके पैर की तकलीफ कम हो गई है और वह अपने पैर से चलने, फिरने भी लगा है, लेकि न उसे बेहतर इलाज की जरूरत है।

श्री जैन ने बताया कि यदि शासन, प्रशासन के द्वारा पीड़ित अज्ञात व्यक्ति के परिजनों की खोज कर उसका इलाज नहीं कराया तो उसकी जान बचाना भी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि पीड़ित को जिला अस्पताल में भर्ती कराने का विकल्प है, लेकि न उसके साथ रहकर उसकी देखभाल करने वाला कोई नही है। इस कारण उसे जिला अस्पताल में भी भर्ती नहीं कि या जा सकता।