तेंदूखेड़ा। नईदुनिया न्यूज

जीवित रहने के लिए पानी का होना बेहद जरूरी है। वहां हर वह कार्य संभव हो सकता है जहां पानी हो, लेकि न जहां पानी नहीं वहां हर सुख सुविधा के बाद भी जीवन संभव नहीं होता। ऐसा ही हाल था तेंदूखेड़ा विकासखंड के महगवांखुर्द ग्राम पंचायत के सलैया गांव का, यहां पानी का ऐसा संकट था कि लोग कई कि मी दूर से पानी लाने मजबूर थे और इसी कारण गर्मी के दिनों में गांव से पलायन कर जाते थे। इनकी समस्या का समाधान पिछले वर्ष हुआ जब यहां डब्लूआरडी विभाग के द्वारा काफी बड़े तालाब का निर्माण कराया गया और आज यहां इतना पानी है कि जहां जमीनें बंजर दिखाई देती थीं वहां आज हरियाली लहलहा रही है।

दो गांव को मिलने लगा पानी

ग्राम सलैया में पिछले साल के पहले तक पानी का कोई साधन नहीं था। यहां के लोग पानी के लिए परेशान होते थे और इसी कारण इनकी जमीन भी कोई कीमत नहीं थी। क्योंकि पानी की कमी होने के कारण यहां पैदावार शून्य थी। गांव के लोगों ने भीषण जलसंकट का सामना कि या और पिछले साल जल संसाधन विभाग द्वारा यहां एक बड़े तालाब का निर्माण कराया। आज यहां आलम यह है कि जहां के वल पत्थर ही पत्थर दिखाई देते थे वहां आज खेती हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों के बाद उनके गांव की तस्वरी बदली है। तालाब निर्माण हो जाने से लोगों को खेती का रोजगार मिला है।

गर्मियों में कर जाते थे पलायन

सलैया के साथ आसपास के गांव में भी पानी की समस्या थी क्योंकि पानी का कोई स्थाई जलस्रोत नहीं था। गांव के हैंडपंप हवा उगलते थे। गर्मी के मौसम में ग्रामीण गांव से पलायन कर जाते थे। क्योंकि पानी न होने से फसल नहीं होती थी और उनकी कृषि भूमि मिट्टी मोल बिक जाती थी। ग्रामीण प्रकाश यादव, बबलू पाल, दिलीप ठाकु र, कोमल अहिरवार के साथ अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सलैया गांव में पानी की कमी के कारण हमें बसे, बसाए घर को छोड़कर जाना पड़ता था। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि कई युवाओं के तो विवाह ही इसी कारण नहीं होते थे कि गांव में पानी नहीं था।

5 करोड़ 60 लाख की लागत से बना है तालाब

सलैया गांव में तालाब निर्माण होने से बधना गांव के लोगों को भी राहत मिली है। ग्राम पंचायत महगवांखुर्द के सचिव कोमल यादव कहते हैं तालाब बनने से बंजर जमीन में हरियाली आ गई। जहां घास नहीं होती थी वहां आज फसलें लहरा रही हैं। गांव के लोगों की तकदीर ही तालाब निर्माण से बदल गई। वहीं डब्लूआरडी विभाग के एसडीओ एनपी मेहरा का कहना है कि तालाब इस समय अच्छा भरा है और चारों ओर हरियाली है। इस निर्माण में 5 करोड़ 60 लाख रुपए खर्च हुए हैं। आगामी समय में क्षेत्र में तीन और तालाबों का निर्माण होने वाला है।