विजयपुर। विजयपुर क्षेत्र में चलने वाली बसों में सफर बहुत खतरनाक है। बस के अंदर सीटों से ज्याद सवारियां बस की छत पर बैठाई जाती हैं। कई बार यह ओवरलोड बसें हादसे का कारण बन चुकी हैं। पिछले साल रक्षाबंधन के समय एक ओवरलोड बस गढ़ी गांव के पास पलटी थी और दूसरी बस मोहना के पास।

इन हादसों में सात लोगों की मौत हुई थी। एक दिन पहले मंगलवार को भी ऐसी ही ओवरलोड बस सड़क से खंती में उतर गई जिसमें 8 लोग घायल हो गए। चिंता की बात यह है कि, ऐसे हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सब मालिक अपने मुनाफा के लिए ऐसे जानलेवा सफर पर कोई अंकुश नहीं लगाते लेकिन, जिन विभाग और अफसरों के कंधों पर ऐसे खतरनाक परिवहन को रोकने का जिम्मा है वह भी मूकदर्शक बने हुए हैं। विजयपुर से सबलगढ, अगरा और शिवपुरी रूट पर ऐसी ही ओवरलोड बसें सुबह से शाम तक फर्राटे भर रही हैं।

विजयपुर बस स्टैंड पर हर समय पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इतना ही नहीं थाने व एसडीओपी कार्यालय व बंगले के सामने से यह बसें धड़ल्ले से निकलती है लेकिन, कभी भी इन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। बस ऑपरेटरों को प्रशासन का रत्तीभर भर भी भय नहीं इसीलिए तो, मंगलवार को हुए हादसे के बाद भी बुधवार को भी विजयपुर कस्बे में बसों की छतों पर सवारियां बैठाकर निकली रहीं।