5 माह पहले सपा पहाड़ बस्ती में डाली पेयजल पाइप लाइन, सप्लाई चालू नहीं, पेयजल की किल्लत से जूझ रहे बाशिंदे

बच्चों को बड़े बर्तन में खड़ा कर नहलाती है महिलाएं, पानी बचाकर करती है अन्य कामों में उपयोग

फोटो 10 पेयजल किल्लत के कारण बड़े बर्तन में बच्चे को नहलाती महिला

11 बस्ती से दूर होमगार्ड ऑफिस के पास हैंडपंप से पेयजल लेकर आती बच्ची।

दतिया। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर के वार्ड क्रमांक 34 रेल्वे स्टेशन के पास सपा पहाड़ बस्ती में पेयजल पाइप लाइन तो 5 माह पहले डाल दी गई। पर पेयजल सप्लाई चालू नहीं की जिससे बस्ती में गंभीर पेयजल संकट व्याप्त है। बस्ती को बसे 10 साल से अधिक समय हो गया। बस्ती की 500 परिवारों की आबादी को नगर पालिका से पेयजल के अलावा अन्य भूलभुत सुविधाएं भी नहीं रहीं है। वर्तमान में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है जिससे यहां के बाशिंदों को पेयजल का इंतजाम करने दिन रात भटकना पड़ रहा है।

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बस्ती में दो हैंडपंप, दोनों खराब -

नगर पालिका ने सपा पहाड़ बस्ती में दो हैंडपंप का खनन कराया था। वर्तमान में दोनों हैंड पंप बंद है। पास के इरानी मोहल्ले में लोगों ने निजी खर्चे पर एक बोरिंग कराई थी। गर्मी आते ही बोरिंग और हैंडपंपों का जल स्तर नीचे खिसक गया, जिससे पूरे क्षेत्र के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

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1 किमी. दूरी से जुटाते हैं पानी-

सपा पहाड़ बस्ती के लोग पानी भरने बस्ती से 1 किमी. दूरी पर होमगार्ड कार्यालय के पास लगे हैंडपंप पर जाते है। नपा 5 माह पहले पेयजल पाइप लाइन डालने के बाद भी उसमें पेयजल सप्लाई चालू नहीं कर सकी। यदि नगर पालिका समय से पाइप लाइन में सप्लाई शुरू करा देती तो आज 500 सैंकड़ा परिवार के लोगों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता।

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बच्चों को बड़े बर्तन में खड़ा कर नहाने के बाद बचे पानी का भी करती है उपयोग-

सपा पहाड़ बस्ती के लोग पेयजल किल्लत से काफी परेशान है। लोगों को दिन-रात जाग कर पेयजल का इंतजाम करना पड़ रहा है। पेयजल संकट को देखते हुए महिलाएं अपने बच्चों को बड़े बर्तन में नहला कर पानी बचा लेती है। बचे हुए पानी का उपयोग बाथरूम के लिए कर रही है।

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फैक्ट फाइल-

शहर की आबादी- 1.25 लाख लगभग

शहर में वार्डों की संख्या- 36

पेयजल टंकिया- 07

प्रतिदिन पेयजल की मांग- 24 एमएलडी

सप्लाई- 14 एमएलडी

फिल्टर प्लांट- 03

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क्या कहते हैं क्षेत्रवासीः-

सबसे ज्यादा परेशानी पानी न मिलने से हो रही है। नगर पालिका ने पांच माह पहले क्षेत्र में पानी की पाइप लाइन डाली थी। लेकिन पाइप लाइन चालू नहीं की। हैंडपंपों से पानी आना बंद हो गया। दिन रात पानी के लिए भटकना पड़ता है। वार्ड पार्षद दिन में पानी का टेंकर भेज देते है। सभी उसी से पानी भर लेते है। टेंकर नहीं आता तो उस दिन 1 किमी. पानी लाना पड़ता है। हम लोगों को सड़क, बिजली कुछ नहीं चाहिए। केवल पानी मिलता रहे।

सलीम भाई, स्थानीय निवासी

हम लोगों को बूंद बूंद पानी की बचत करनी पड़ती है। छोटे बच्चों को पतीले में नहला कर पानी बचा लेते है। उस पानी का उपयोग बाथरूम के लिए कर लेते है। महिलाओं के साथ छोटे बच्चों को भी पानी के लिए भटकना पड़ता है। आंधे से ज्यादा समय हम लोगों का समय पानी भरने में चला जाता है। नगर पालिका को जल्द ही पाइप लाइन चालू करा देनी चाहिए।

मोहम्मद अली, स्थानीय निवासी

कॉलोनी को बसे दस साल से अधिक समय बीत गया है। इसके बाद भी नगर पालिका से कोई भूलभुत सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां रहने वाले लोगों का सबसे ज्यादा परेशानी पानी न मिलने से हो रही है। नगर पालिका ने पानी की पूर्ती के लिए दो हैंड पंपों लगवाऐं थे। जिन में से पानी आना बंद हो गया। पानी भरने के लिए 1 किलो मीटर दूर जाना पड़ता है। नगर पालिका से आने वाले टेंकर से सभी को पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है।

नंदकिशोर पाल, स्थानीय निवासी