पंचायतों में सामुदायिक के साथ-साथ हितग्राही मूलक योजनाओं के भी लगेंगे साइन बोर्ड

नगर पालिकाओं की तर्ज पर पंचायतों को रिकार्ड संधारित करने के आदेश, सोमवार से निगरानी प्रारंभ

सेंवढ़ा। नईदुनिया न्यूज

पंचायत क्षेत्र में होने वाले विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर अब तक ग्रामीणों के पास ही जानकारी का अभाव रहता था। पर अब यह नहीं होगा, काम विकास का हो, हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ सीधे ग्रामीणों को लाभ देने का इसके सार्वजनिक साइन बोर्ड लगेगा। कार्य की लागत से लेकर मजदूरों की संख्या एवं ऐजेंसी का नाम तथा मोबाइल नंबर आदि दर्ज होंगे। सेंवढ़ा विधानसभा में आगामी एक सप्ताह में सभी पंचायतों में चल रहे 2057 कार्यों को साइन बोर्ड के माध्यम से सार्वजनिक करने के लिए उप यंत्रियों तथा एडीओ, पीसीओ भ्रमण कर रहे हैं।

मालूम हो कि अभी तक क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की जो शिलान्यास पटिटका लगती थी उसमें कार्य की जानकारी कम और शिलान्यास करने वाले जनप्रतिनिधि की अधिक रहती थी। अब जो साइन बोर्ड लगेंगे उनमें सरकार के लोगों के अलावा, केवल कार्य की जानकारी ही होगी।

सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा के माध्यम से द्विस्तरीय विकास कार्य संचालित किए जाते हैं। इनमें एक सार्वजनिक क्षेत्र के विकास कार्य होते हैं। जिनमें सुदूर ग्राम सड़क योजना, स्टॉप डेम, चेक डेम, शांतिधाम, खेल का मैदान, तालाब का निर्माण अथवा जीर्णोंद्घार, बोरी बंधान, रोड एवं नाली आदि का कार्य होता है। जबकि व्यक्तिगत तौर पर ग्रामीणों तक योजना का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए हितग्राही मूलक योजनाओं का संचालन होता है।

इस योजना में कपिल धारा कुआं, शौचालय, आवास, नाडेप टाका, केंचुआ पालन आदि होता है। इन कार्यों के लिए मनरेगा एवं मूलभूत योजना से 30 से 40 लाख रूपएं वार्षिक पंचायतें खर्च करतीं है॥ कई बार ग्रामीणों द्वारा शिकायत की जाती है कि उनकी पंचायत में कार्य नहीं हुआ केवल कागज की खानापूर्ति कर राशि का बंदरबांट हो गया। दूसरी पंचायत सचिव एवं सरपंचों द्वारा भी एडवांस के नाम पर लाखों रूपएं नियम विरुद्घ निकाले जाने के मामले सामने आते है तथा जांच के दौरान आनन फानन में कार्य की औपचारिकता कराई जाती है।

नई व्यवस्था में यह सब बंद होगा। इस बाबत्‌ सबसे पहले जनपद क्षेत्र सेंवढ़ा में संचालित कुल 2057 कार्यों के साइन बोर्ड कार्य स्थल पर लगवाए जा रहे हैं। सूचना फलक लगवाने के लिए आयुक्त मनरेगा के आदेश के बाद उप यंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। इसमें उपयंत्री शंभूदयाल शर्मा, दिलीप शर्मा, वीरेंद्र दांगी, गोविंद दास कोरी, दिनेश चौबे, दिनेश दंडोतिया, ओपी सेंगर, कुलदीप राजपूत को जिम्मेदारी दी गई। कार्य को गंभीरता से करने के लिए एसीईओ धनंजय मिश्रा ने यह हिदायत दी कि अगर सभी पंचायतों में साइन बोर्ड नहीं लगे तो अप्रेल माह की वेतन रोकी जाएगी।

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साइन बोर्ड का स्वरूप भी तय-

हितग्राही मूलक योजना में 2 लाख की लागत से बनने वाला कपिल धारा कुआं हो या 12 हजार से बनने वाला शौचालय सभी के पास 2 फीट चौड़ा तथा तीन फीट लंबा साइन बोर्ड लगेगा। सामुदायिक सार्वजनिक विकास कार्यों के स्थान पर 4 फीट चौड़ा तथा तीन 5 फीट लंबा साइन बोर्ड होगा। बोर्ड कार्य प्रारंभ होने के पूर्व लग जाएगा। ताकि ग्रामीण उसकी जानकारी के आधार पर जिम्मेदारों से बात कर सकें। बोर्ड में कार्य के नाम, आईडी, लागत राशि, कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि, मानव दिवसों की संख्या, लंबाई, चौड़ाई, एजेंसी का नाम, उसके अधिकारी का मोबाइल नंबर, मजदूरों को मिलने वाली मजदूरी की जानकारी, क्रियान्वयक एजेंसी के अधिकृत व्यक्ति का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर आदि लिखा जाएगा। इसके अलावा शासन के मोनों भी इसमे रहेंगे।

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सात पंजी का होगा संधारण-

अब प्रत्येके निर्माण कार्य की फाइल तैयार होगी। जिसकी शुरूआत ग्राम सभा प्रस्ताव के साथ की जाएगी। इसे केस फाइल कहा जाएगा। अब तक इस प्रकार की कोई फाइल नहीं रहती थी। इसके अलावा काम की मांग करने के लिए मजदूरों द्वारा किए गए आवेदनों का एक रजिस्टर तैयार होगा। परिसम्पत्ति रजिस्टर में पंचायत क्षेत्र के संसाधनों की जानकारी, शिकायत पंजी में निर्माण कार्य से संबंधित शिकायतों का व्योरा, रोजगार रजिस्टर, सोशल आडिट पंजी, ग्राम सभा पंजी तथा सामग्री रजिस्टर होगा। यह कार्य भी अप्रेल माह में पूर्ण होगा। इस बाबत्‌ एडीओ पीसीओ को निगरानी की जिम्मेदारी सौपी गई है।

इसमें अनिल श्रीवास्तव को देभई, दैपुरा, दरयापुर, दावनी, सिरसा, जसावली, हेतमपुरा, अटरा, अतरेटा, खंजापुरा, नहला, बस्तूरी अखलेशा दीवोलिया को मोहनपुरा, मरसेनी बुजुर्ग, मरसेनी खुर्द, परसोंदा बामन, दिगुवां, महरोली, ईंगुई, वीरेंद्र गौड़ को रामपुरा खुर्द, डिरोलीपार, भगुवापुरा, मलियापुरा, ग्यारा, बघावली, बड़ाखरी, बिजौरा, भोवई बुजुर्ग, रूहेरा, नीमड़ाड़ा, कसेरूआ, मेवली, रामसिया गौर को बिसोर, बेरछा, खमरोली, मगरोल, गुमानुपरा, महेंद्र दोहरे को छिकाउ, उंचिया, मुरूगुवां, लोधीपुरा, बागपुरा, बागुर्दनफीरोज बद्रीप्रसाद अहिरवार को ररूआजीवन, मोहनाजाट, लहराकला, सिकरी, कंजोली, बरगुवां, पड़री, कुदारी, खैरोना दिनेधा गु'ता को ररूआराय, रमदेवा, जिगनियां, भड़ौल दोहर, खेरीदेवता, परसोंदा गूजर टीआर अहिरवार को थरेट, कटापुर, बरजोर पुरा, चकबेना, भरौली, सेगुवां, रूरा, चीना, पिपरउआ, दभैरा, टोड़ा पहाड़ जोनियां, बीएल कदम को सुनारी, सिलोरी, खजूरी, भदोना, भरसूला, उचाड़,, रमगड़ा सुरेधा गहलोत को लांच, विलासपुर, खैरोनाघाट, खड़ौआ, तिगुरू, पचोखरा एवं कुलैथ तथा मनोज कौशिक को धीरपुरा, जुझारपुर, देगुवा गूजर इकौना की निगरानी की जिम्मेदारी है।

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पारदर्शिता के लिए दिन रात जुटा है मैदानी अमला

पंचायतों में सात पंजी संधारण एवं सूचना फलक लगाने का कार्य एक अभियान के तहत चल रहा है। इसमें जनपद के सम्पूर्ण मैदानी अमले का सहयोग लिया जा रहा है। अब ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके यहां चल रहे विकास कार्यों की सम्पूर्ण जानकारी रहेगी-

कपिल तिवारी एपीओ जनपद सेंवढ़ा