- टूटे दरवाजों को दुरुस्त कराने के लिए नर्सें कर चुकी है शिकायत

- फ्रेश होने के लिए स्टाफ नर्सों को होती है परेशान

फोटो 02 मेटरनिटी वार्ड में शौचालय में टूटे पड़े दरवाजे।

दतिया। नईदुनिया प्रतिनिधि

मेटरनिटी वार्ड के द्वितीय तल पर बने शौचालय के दरवाजों को टूटे हुए काफी समय बीत गया है, लेकिन प्रबधंन की मनमानी के चलते अभी टूटे पड़े दरवाजों को दुरुस्त नहीं कराया गया है। जबकि वार्ड की नर्सें प्रबंधन से कई बार शिकायत कर चुकी है। शौचालय में दरवाजे नहीं होने के कारण वार्ड में ड्यूटी करने वाले नर्सों और डॉक्टरों को फ्रेश होने के लिए दूसरे विभागों के शौचालयों में जाना पड़ रहा है। गेट टूटे होने के कारण वार्ड में मेटरनिटी वार्ड के स्टाफ को परेशानी हो रही है।

गौरतलब है कि मेडिकल की मंजूरी मिलने के बाद जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के स्टाफ के लिए नए-नए वार्ड तथा नई-नई मशीनरी मंगवाई जा रही है, ताकि मरीजों के इलाज में डॉक्टरों को संसाधनों की कमी महसूस न हो, लेकिन अस्पताल में जो मशीने या चीजें खराब पड़ी हैं उन्हें प्रबंधन द्वारा अभी तक दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है। प्रबंधन की इस अनदेखी का खामियाजा अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मेटरनिटी वार्ड में स्टाफ के लिए शौचालय की सुविधा मुहैया कराए जाने के लिए नर्सें कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन किसी ने भी नर्सों की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया है।

फ्रेश होने के लिए महिला कर्मचारी होती है परेशान

मेटरनिटी वार्ड के दूसरी मंजिल पर बने शौचालय के कंडम होने के कारण मेटरनिटी में कार्यक्रम महिला कर्मचारियों को शौंच के लिए परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि मेटरनिटी के लेबोरेट्री में शौचालय बना हुआ है, लेकिन इस शौचालय का उपयोग लैब के कर्मचारी कर पाते हैं। बाकी कर्मचारियों को या तो वार्ड के अंदर जाना पड़ता है या फिर दूसरे वार्ड में जाना पड़ता है।

डिलेवरी रूम में फ्रेश होने की सुविधा

मेटरनिटी वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद नर्सों ने बताया कि वार्ड के डिलेवरी रूम में बाथरूम की सुविधा की नहीं है। ड्यूटी रूम के पास टॉयलेट नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। डिलेवरी रूम के पास बाथरूम बनाए जाने की मांग को लेकर नर्सें कई बार आला अधिकारियों से शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने नर्सों की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।

अधिकारी नहीं देते हैं ध्यान

मेटरनिटी में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है। जबकि प्रबंधन द्वारा रोजाना अस्पताल में सुविधाओं का निरीक्षण करते हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी शौचालय के टूटे पड़े गेटों पर ध्यान नहीं दिया है।