नगर के मुख्य मार्गों के डिवाइडरों की हालत खस्ता

फोटो 2 डिवाइडर पर उग रहे खरपतवार व झाड़ियां ।

फोटो 3 डिवाइडर पर मची कीचड़ ।

4 डिवाइडर को तोड़कर बनाया रास्ता ।

दतिया। नईदुनिया प्रतिनिधि

नगर की ट्रॉफिक व्यवस्था को सुधारने व सुंदरता को बढ़ाने के लिए 4 किमी. लबे सिविल लाइन हाइवे रोड बनाए गए डिवाडरों का हालत बेहद खस्ता है। इन डिवाइडरों पर पेड़ों की जगह कटीली झाड़ियां उग चुकी हैं। जो आवागमन में अवरोध तो उत्पन्न करती ही हैं साथ डिवाइडर के नजदीक से निकलने वाले वाहन चालकों को जख्मी भी कर देती हैं। इन डिवाडरों के रखरखाव के नाम पर नगर पालिका द्वारा हजारों रूपए की राशि तो स्वीकृत की जाती है, लेकिन स्वीकृति के बाद उस राशि का क्या होता है इसका पता ही नहीं चलता है। नई दुनियां ने ऐसे कुछ स्पॉट को चिन्हित किया, जहां हादसों का कारण डिवाइडर बन रहे हैं।

- सेंवढ़ा चुंगी मार्ग

उक्त मार्ग शहर को हाईवे से जोड़ता है। जिससे रोजाना लगभग एक हजार से भी अधिक चार पहिया व दो पहिया वाहनों का आवागमन होता है। उक्त मार्ग पर बने डिवाडर की हालत बेहद खराब है। यहां डिवाडरों पर जहरीले पौधे लगे हुए हैं। जो कि काफी बड़े हो चुके हैं और आए दिन हादसों का कारण भी बन रहे हैं।

- बस स्टैंड मार्ग

बस स्टैंड मार्ग पर बना डिवाडर वर्तमान में दुर्दशा का शिकार हो रहा है। उक्त डिवाडरों को लोगों ने अपनी सुविधानुसार विभिन्न स्थानों से तोड़ दिया है। जो कि हादसों की प्रमुख वजह भी है। इसी मार्ग से शहर बाहर से बसों का आवागमन भी होता है। जगह जगह फूटे ब्रेकरों से लोग वाहन समेत रास्ता पार करते हैं जिसके चलते इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।

- सिविल लाइन मार्ग

सिविल लाइन मार्ग पर बने बे्रकर की स्थिती बेहद खराब हो चुकी है। इन डिवाडरों से जहां एक तरफ हरियाली गायब है। तो वहीं इन पर आवारा जानवरों ने अपना डेरा जमा लिया है। पीताम्बरा मंदिर के समीप डिवाडर मे तो कीचड़ का अंबार लगा हुआ है। जिसमे मच्छर जैसे जीव भी पनप रहे है। कमाल की बात तो यह है शहर का मुख्य मार्ग होने के वावजूद इस मार्ग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है नगर पालिका के कर्मचारी भी इसे नजरंअदाज करके चले जाते हैं।

- लंबे समय से नहीं हुआ मरम्मत कार्य

शहर के डिवाडरों पर पर लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं हुआ है जिसके चलते कई स्थानों पर तो यह डिवाडर जमींदोज हो चुके हैं तो वहीं कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त। डिवाडरों पर लगा रिफलेक्टर पेंट भी पूरी तरह मिट चुका है। जिससे वाहन चालकों को यह दिखाई नहीं देता है।

- हादसों को रोकने के लिए लगाए जाते हैं पौधे

डिवाडरों के मध्य जो पौधे लगाए जाते हैं वे मार्ग की सुंदरता तो बढ़ाते हैं ही साथ ही मार्ग के तापमान को भी नियंत्रित करते हैं। वहीं दूसरी और डिवाडरों के मध्य पौधे इसलिए भी लगाए जाते हैं जिससे रात के समय विपरीत मार्ग पर विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों की रोशनी से वाहन चालकों को किसी तरह की परेशानी न हो। जिससे मार्ग में हादसे न हों, लेकिन वर्तमान में तो यह कटीले पौधे ही हादसों का कारण बन रहे हैं जिनसे आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं।

10 में शुरू हो जाएगा कार्य

डिवाडरों की हालत बेहद खराब है। इसके लिए डेंडर भी दिया जा चुका है। आगामी दस दिनों के भीतर डिवाडरों की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।

बीके गुप्ता, सब इंजीनियर एमआरडीसी