इंदरगढ़। नईदुनिया न्यूज

शासकीय नुमाईंदों की मनमर्जी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है। कि लगभग ढाई सालों में तीन बार किसान की भूमि का सीमांकन आदेश दिए जाने के बाद अभी तक सीमांकन नहीं हो पाया है। मामला इंदगढ़ क्षेत्र का है। जहां के रहवासी किसान मुन्नालाल धाकड़ ने कलेक्टर को आवेदन देते हुए बताया कि तीन बार सीमांकन का आदेश होने के बावजूद अभी तक भूमि का सीमांकन नही ं किया गया है।

मुन्नालाल ने बताया कि उसकी भूमि जिसका सवे क्रमांक 1777,177,1780 का सीमांकन अभी तक नहीं हो पाया है। जिसके लिए पहला आदेश भू अभिलेख दतिया द्वारा 15 जुलाई 2016 को राजस्व निरीक्षक संजय , राजस्व निरीक्षक भगवती प्रसाद शिल्पकार और हल्का पटवारी इंदरगढ़ को दिया गया लेकिन सीमांकन नहीं हुआ इसके बाद पुनः गुहार लगाने पर दूसरा आदेश 14 जुलाई 2017 को रा नि इंदरगढ़ संजय, शिशुपाल गुर्जर व शिवनारायण श्रीवास्तव के साथ हल्क पटवारी मनोज गुप्ता के नाम जारी किया गया है। इसके बावजूद सीमांकन नहीं किया गया। तीसरा आदेश 1 जुलाई 2018 को पुनः जारी किया गया लेकिन अभी तक सीमांकन नहीं हो पाया है। जिसके लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर भी लगा चुके हैं। लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन के अलावा और कुछ भी हाथ नहीं लगा है। मुन्नालाल ने बताया खेत के सीमांकन के आदेश होने के बाद कई बार मेड़िये भी खेत पर अधिकारियों का इंतजार करके वापस चले गए हैं लेकिन अधिकारियों ने अब तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।