शहर की प्राचीन धरोहरों का संरक्षण, तालाबों का जीर्णोद्घार, पार्कों में सुंदरता, हरियाली रोपने व स्वच्छता पर होगा फोकस

फोटो 09 शहर के लाला के तालाब से नजर आ रहा सतखण्डा महल।

10 राजसी छतरियां ।

11 किला चौक बाजार ।

दतिया। नईदुनिया प्रतिनिधि

15 जून को दतिया के स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मांग पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई घोषणा के बाद शासन ने दतिया शहर को मिनी स्मार्ट सिटी घोषित किया है। दतिया को मिनी स्मार्ट सिटी घोषित किए जाने के बाद अब नगर पालिका द्वारा दतिया को मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में डवलप करने की दिशा में काम तेज कर दिया है। इसके लिए नपा ने कंसलटेंसी नियुक्त करने टेंडर कॉल किए है। जल्द ही कंसलटेंसी नियुक्त होते ही शहर के विकास का खाका खींचा जाएगा। शहर विकास के लिए तैयार की जाने वाले डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में दतिया शहर के विकास के लिए संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा तैयार मास्टर प्लान में शामिल बिंदुओं को भी प्रमुखता से रखा जाएगा।

मालूम हो कि दतिया शहर के मास्टर प्लान में शहर की 2031 की जनसंख्या को लक्षित कर विकास के नए प्रस्ताव शामिल किए है।प्रस्ताव का 2 फरवरी को नगर पालिका में प्रजेंटेशन हो चुका है।

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मिनी स्मार्ट सिटी के तहत इन विकास कार्यों पर होगा फोकस -

पब्लिक ट्रांसपोर्ट-

शहर में नागरिकों की सुविधा के लिए आवागमन के साधन व वाहन स्टैंड, पार्किंग स्टैंड आदि व्यवस्थित किए जाएंगे। ट्रेफिक जाम की समस्या को हल किया जाएगा।

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पार्कों का सौंदर्यीकरण-

शहर के प्राचीन पार्कों का सौंदर्यीकरण होगा, नवीन पार्क बनाए जाएंगे, पार्कों को हरा भरा करने के अलावा लोगों की सुविधा के लिए बैंचे व बच्चों के लिए झूले लगाए जाएंगे।

प्राचीन तालाबों का जीर्णोद्घार-

शहर के प्राचीन तालाबों का जीर्णोद्घार किया जाएगा, तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ ही तालाबों को स्वच्छ बनाए रखने की भी योजना बनेगी।

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प्राचीन धरोहरों का संरक्षण-

शहर में स्थित प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के लिए भी कार्य होगा ताकि उनका मूल स्वरूप बचा रहे तथा की सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।

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ऑडीटोरियम का निर्माण-

शहर में सांस्कृतिक आयोजनों को व्यवस्थित स्थान सुलभ कराने के लिए ऑडीटोरियम का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें 1 हजार लोगों की सिटिंग की व्यवस्था होगी।

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चिड़िया घर-

बच्चों के मनोरंजन के लिए करन सागर के पास स्थित नगर पालिका की नर्सरी को चिड़ियाघर के रूप में डवलप करने की योजना है। ताकि बच्चे वन्य प्राणियों को नजदीक से निहार सके।

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मास्टर प्लान में शहर विकास के यह कार्य है प्रस्तावित -

-30 एमएलडी का फिल्टर प्लांट-

शहर में वर्तमान में 24 एमएलडी प्रतिदिन पानी की मांग है। जबकि 14 एमएलडी क्षमता के फिल्टर प्लांट की सुविधा है। विकास प्रारूप में 30 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट प्रस्तातिव किया है।

- 24 एमएलडी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट -

शहर के लिए सीवर प्रोजेक्ट के प्रथम चरण का कार्य शुरू होना है जिसमें 12 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। विकास प्रारूप में 24 एमएलडी क्षमता का सीवर प्लांट प्रस्तावित है।

-नगर बस स्टैंड-

नया बस स्टैंड के लिए रेलवे स्टेशन के पास प्रस्तावित किया गया है।साथ ही यहां कुछ आवासीय क्षेत्र भी प्रस्तावित है।

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-अंतर्राज्यीय बस स्टैंड-

ग्वालियर- झांसी हाइवे एनएच-75 पर मंगल ढाबा के पास अंतर्राज्यीय बस स्टैंड बनेगा। यहां से लंबी दूरी की यात्री बसों से यात्रियों को यात्रा की सुविधा मिलेगी।

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-यातायात नगर-

बस स्टैंड बायपास व झांसी-ग्वालियर रोड तिराहे पर यातायात नगर बनेगा। जिसमें थोक बाजार व भवन निर्माण सामाग्री के बाजार होंगे।

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कोतवाली व राजघाट कॉलोनी का पुनर्घनत्वीकरण-

पुनर्घनत्वीकरण योजना से पुरानी कोतवाली को हटाकर खाली जमीन पर शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनेगे। इसी तरह राजघाट कॉलोनी में सिंचाई विभाग के पुराने भलनों के स्थान पर पुनर्घनत्वीकरण योजना से नए कर्मचारी आवास, शेष भूमि पर व्यवसायिक व आवासीय परिसरों का निर्माण होगा।

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दतिया विकास योजना 2021 की क्रियांवयन की स्थिति-

दतिया विकास योजना 2021 का सही क्रियांवयन नहीं हुआ। पीताम्बरा मार्ग को डवलाइन रोड बनाने से नगर के सौंदर्यीकरण में वृद्घि हुई है।

-आवासीय क्षेत्र में अनियंत्रित विकास के कारण अवैध कॉलोनियों की वृद्घि हुई है।

-पूर्वी बायपास मार्ग का निर्माण नहीं होने से नगर के अंदर भारी वाहनों का आवागमन होने से दुर्घटना एलं प्रदूषण में वृद्घि हुई है।

-यातायात नगर का विकास न होने से नगर के मुख्य भागों एलं आवासीय क्षेत्र का पर्यावरण प्रभावित हुआ।

-औद्योगिक क्षेत्र में जनसंख्या अनुपात में वृद्घि न होने से रोजगार के अवसरों में कमी है।

-थोक बाजारों एवं भवन निर्माण सामाग्री का मध्यक्षेत्र से व्यवस्थापन न होने से आवासीय क्षेत्र का पर्यावरण प्रभावित है।

-सीतासागर तालाब के भराव क्षेत्र में अनियंत्रित आवासीय विकास से तालाब के प्रदूषण में वृद्घि हुई है।

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बाजार से यह इकाइयां हटेंगी-

-मीट व मछली बाजार को हटाकर कृषि क्षेत्र में शिफ्ट कर खाली जमीन पर फल सब्जी मार्केट बनेगा।

-शहर से दुग्ध डेरियों को हटाकर कृषि उपयोग क्षेत्र में शिफ्ट कर खाली जमीन का आवासीय उपयोग होगा।

-बाजार से भवन निर्माण सामाग्री, लोहा बाजार, कबाड़ी बाजार,गोदाम एलं काष्ठ बाजार आदि को यातायात नगर में शिफ्ट कर खाली जमीन का वाणिज्यिक उपयोग होगा।

-सीतासागर तालाब के पास बसाहट को यातायात नगर में शिफ्ट कर तालाब के क्षेत्र को आमोद प्रमोद व हरित क्षेत्र के रूप में डवलप किया जाएगा।

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इनका कहना है-

मिनी स्मार्ट सिटी के तहत दतिया में विकास कार्य की योजना तैयार करवाने कंसलटेंसी नियुक्त की जानी है, इसके लिए टेंडर बुलाए है, जल्द ही कंसलटेंसी नियुक्त होने पर डीपीआर तैयार कराई जाएगी-

विनोद दीक्षित, सब इंजीनियर नगर पालिका दतिया