भोपाल। प्रदेश में सुरक्षित प्रसव के लिए शहरों से लेकर गांव में तैनात की गइर् करीब 75 हजार आशा कार्यकर्ताओं ने अब सरकार से मानदेय फिक्स कर सरकारी कर्मचारी बनाने की मांग रखी है। इसके लिए शुक्रवार को प्रदेश भर की आशा और सहयोगी कर्मचारी नीलम पार्क में जुटेंगी। यहां धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। मातृ मृत्यु को कम करने के लिए प्रदेश भर में कार्यकर्ता तैनात की गइर् हैं। इसके तहत इन्हें मानदेय दिया जाता है। मप्र आशा ऊषा सहयोगिनी कार्यकर्ता संगठन की प्रदेश अध्यक्ष विभा श्रीवास्तव ने बताया कि हम लोग पिछले 12 साल से लगातार गांव-गांव, शहर-शहर काम कर रहे हैं। एक कार्यकर्ता के पास तीस-तीस गांव हैं। इसके साथ उन्हें टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में लगाया जाता है। इसलिए हमें मानदेय फिक्स कर सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाना चाहिए। बता दें कि आशा सहयोगी को 15 हजार और आशा कार्यकर्ता को 10 हजार वेतन दिया जाए, मानदेय फिक्स किया जाए और आशा और सहयोगी कर्मचारी को सरकारी कर्मचारी बनाया जाने की मांगे प्रमुख हैं।