बैतूल। पति-पत्नी का 7 जन्मों का रिश्ता होने और साथ जिएंगे-साथ मरेंगे वाली कहावत भैंसदेही के पास स्थित टेमगांव में चरितार्थ हुई। यहां एक वृद्धा की परतवाड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने उनके पति को इसकी जानकारी नहीं दी और शव को घर लाने लगे, उनके घर पहुंचने से पहले ही वृद्धा के पति ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद पति-पत्नी का एक साथ एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया।

जानकारी के अनुसार टेमगांव निवासी नामदेव पाटनकर (85) की पत्नी उर्मिला (80) की 16 मई को अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए परतवाड़ा ले गए थे, लेकिन इलाज के दौरान उर्मिला की मौत हो गई। परिजनों ने यह खबर उनके पति नामदेव को नहीं बताई और शव लेकर घर आने लगे।

इधर धार्मिक स्वभाव नामदेव पत्नी के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए भगवान से कामना करते हुए माला जपते बैठे थे। पत्नी की मृत देह घर पहुंचने से पूर्व ही उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद गमगीन पाटनकर परिवार ने गांव के समीप राजनी नदी के मोक्षधाम पर एक ही चिता पर पति-पत्नी का अंतिम संस्कार किया। उनके बड़े बेटे ने मुखाग्नि दी।