एफएल-2 की ्रलायर

-उज्जैन रीजन के सात जिलों में शुरू हुई व्यवस्था, सुधार की कोशिशों के बावजूद बरकरार है समस्याएं, परेशान हो रहे उपभोक्ता

देवास। नईदुनिया प्रतिनिधि

बिजली कंपनी से जुड़ी शिकायत अब सोशल मीडिया के माध्यम से की जा सकेगी। इसके लिए कंपनी ने कनिष्ठ यंत्री को अधिकृत किया है। उनके नंबर पर वाट्सएप कर शिकायत की जा सकती है। मसलन कहीं तार टूट गए हो, बिजली का पोल गिर गया हो। शनिवार से यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है। शिकायत के बाद रिस्पांस टाइम नियत किया गया है। इस समय में शिकायत का निराकरण करना होगा। उज्जैन रीजन के सात जिलों में यह व्यवस्था लागू की गई है।

विविकं के अधीक्षण यंत्री आरके नेगी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से बिजली संबंधी शिकायतों का निराकरण किया जा सकेगा। कनिष्ठ यंत्री डीके अग्रवाल के मोबाइल नंबर (8989984195) पर शिकायत वाट्सएप की जा सकती है। साथ ही कार्यालय के नंबर 07272-255700 पर भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकेगी। किसी भी जगह बिजली के पोल या तार संबंधी समस्या हो तो इन नंबरों पर शिकायत दर्ज करवाई जा सकेगी। इसके बाद रिस्पांस टाइम में शिकायत का निराकरण किया जाएगा। यदि वाट्सएप न हो तो मोबाइल नंबर पर कॉल कर शिकायत कर सकते हैं।

अब तक नहीं आई एक भी शिकायत

बिजली संबंधी समस्याओं के लिए टोल फ्री नंबर भी चल रहा है। इस पर भी लोग शिकायत दर्ज करवाते हैं। इसमें भी रिस्पांस टाइम दिया गया है, जिसमें शिकायतों का निराकरण किया जाता है। इसके अलावा कार्यालय के नंबर पर फोन कर शिकायत की जाती है व द्रतरों में जाकर भी शिकायत दर्ज करवाई जाती है। सोशल मीडिया पर शिकायत की पहल पहली बार की जा रही है। हालांकि शनिवार से मंगलवार तक अब तक एक भी शिकायत नहीं आई है। इस संबंध में जेई अग्रवाल ने बताया कि नई सुविधा शुरु की गई है। पोल टूटने, पोल झुकने, तार टूटने व तार झुकने संबंधी शिकायत वाट्सएप पर दर्ज करवाई जा सकेगी। फोन भी किया जा सकता है। टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज करवाई जाती है। अभी तक एक भी शिकायत वाट्सएप पर नहीं आई है।

रीडिंग के बावजूद दे रहे आंकलित खपत के बिल

विविकं ने भले ही यह सुविधा शुरु कर दी हो लेकिन समस्याएं कम नहीं हो रही है। बिजली बिलों में यूनिट संबंधी समस्याएं बढ़ती जा रही है। बिलों का वितरण भी समय पर नहीं हो रहा है। लोग परेशान होकर बिजली कंपनी के द्रतर फोन लगाते हैं लेकिन संतोषप्रद जवाब नहीं मिलता। कई लोगों के साथ आंकलित बिल की समस्या आ रही है। बिजली बिल में मीटर का फोटो आता है जिसमें रीडिंग भी लिखी रहती है लेकिन बावजूद इसके आंकलित खपत के नाम से भारी भरकम यूनिट का बिल थमा दिया जाता है। इसके बाद जब उपभोक्ता शिकायत करने जाते हैं तो कहा जाता है कि इसमें कंपनी की गलती नहीं है। कुछ प्रकरणों में नियत प्रभार और ऊर्जा प्रभार की राशि कम कर दी जाती है लेकिन बावजूद इसके उपभोक्ताओं को पूरा न्याय नहीं मिल पाता। मजबूरी में उन्हें राशि जमा करनी पड़ती है। संबल योजना और बिल माफी योजना शुरु होने के बाद से बिलों में गड़बड़ी की शिकायत ज्यादा आई है। सोशल मीडिया पर इसका जमकर विरोध भी हुआ और कहा गया कि सरकार महंगी बिजली देकर मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को छल रही है। उपभोक्ता एक माह बिल न भरे तो अगले माह कनेक्शन काटने पहुंच जाते हैं लेकिन जिन लोगों को बिल माफ किए जा रहे हैं उन पर लाखों रुपए बकाया है। ऐसे में परेशानी हो रही है।