- वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का नहीं शुरू हो पाया काम, जनवरी में होना है स्वच्छता सर्वेक्षण

- सिर्फ कचरा ही अलग-अलग हो पाएगा, नहीं बन पाएगी बिजली

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल लगातार दो साल से एक नंबर से चूक रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि आदमपुर छावनी में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट नहीं बन पाया। अब वर्ष 2019 का स्वच्छता सर्वेक्षण का काउंटडाउन भी शुरू हो चुका है। इस बार जनवरी में सर्वे होना है, लेकिन इस साल भी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का काम चालू नहीं हो पाया है।

नगर निगम द्वारा कचरे से बिजली बनाने का जिम्मा एस्सेल इंफ्रा को सौंपा गया है, लेकिन कंपनी का अब तक फाइनेंशियल क्लोजर नहीं हो पाया। इससे फंड की व्यवस्था नहीं होने से प्लांट का काम चालू नहीं हो पाएगा। जबकि, दो महीने पहले नगर निगम को पर्यावरण की अनुमति मिल गई है। स्टेट एनवायरनमेंट इम्पेक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी (सिया) ने अनुमति देते हुए नगर निगम को यह भी पाबंद किया है कि वह कचरे से बिजली बनाने के बाद उसका ट्रीटमेंट करे। जमीन में कचरे को दफन करने के लिए पूर्णतः नई तकनीक अपनाई जाए।

- इस साल कचरा ही अलग हो पाएगा

निगम ने इस साल आदमपुर छावनी में सिर्फ गीले और सूखे कचरे को अलग करने के लिए प्लांट बनाने का काम शुरू किया है। गीले कचरे से खाद बनाने के लिए एजेंसी तय की गई है। निगम अधिकारियों के अनुसार विभिन्न स्थानों से 125 टन से 450 टन रोजाना के मान से कचरे का पृथकीकरण होगा। जैविक कचरे को खाद और अजैविक कचरे को ग्रेनुअल्स में बदलकर री-साइकल किया जाएगा।

- प्लांट तो दूर कचरा एकत्रीकरण ही शुरू नहीं हो पाया

योजना के तहत आदमपुर छावनी में भोपाल सहित रायसेन, सीहोर, मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बैरसिया, इछावर, आष्टा और कोठरी का कचरा डंप किया जाना है। यहां 480 करोड़ रुपए की लागत से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा। जहां कचरे से बिजली और खाद बनाई जाएगी। यहां कचरे के निष्पादन के साथ ही उससे 21 मेगावाट बिजली बनाने का प्लांट लगेगा। लेकिन कंपनी अब तक खुद के संसाधनों से कचरा एकत्र करने का काम तक शुरू नहीं कर पाई है। नगर निगम ने कंपनी के साथ अक्टूबर 2016 में करार किया था।

- जुलाई में पूरा होना था काम

पहले नगर निगम को प्रोजेक्ट के लिए जमीन मिलने में एक साल का समय लग गया। अनुबंध के हिसाब से जुलाई 2017 से ही कंपनी को काम शुरू करना था और दो साल यानि जुलाई 2019 तक काम पूरा करना है। अब समय अवधि पूरी होने में सिर्फ आठ महीने ही बचे हैं, लेकिन कुछ नहीं हो पाया। कंपनी का काम संतोषजनक न पाए जाने पर नगरीय प्रशासन ने कंपनी की 23 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जब्त करने के निर्देश दिए थे।

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- समय पर काम हो जाएगा

आदमपुर छावनी में कचरे के पृथकीकरण के लिए प्लांट का काम चल रहा है। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का काम चालू होने के बाद ही कंपनी कचरा कलेक्शन का काम शुरू कर पाएगी। समय अवधि में काम पूरा कर लिया जाएगा।

-ओपी भारद्वाज, नगरयंत्री नगर निगम