धार। राजपूत करणी सेना ने बुधवार दोपहर करीब 3 बजे यहां आयोजित जिला सहकारी बैंक भवन लोकार्पण समारोह व कि सान सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग को काले झंडे दिखाए।

दरअसल जैसे ही मंत्री कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश कर रहे थे वैसे ही करणी सेना के कु छ युवक नारेबाजी करते हुए काले झंडे दिखाते हुए अंदर घुस गए। हालांकि तुरंत ही पुलिस ने उन्‍हें रोक दिया। पुलिस ने इन युवाओं को बाहर घेरे रखा। काफी देर की मान-मनौव्वल के बाद यह तय हुआ कि जिस एक्ट का विरोध कर रहे हैं उसके संबंध में मंत्री 4 लोगों से चर्चा करेंगे।

जिला मुख्यालय पर सहकारिता का बड़ा आयोजन था। जिला सहकारी बैंक का मुख्यालय भवन दीनदयालपुरा क्षेत्र में बनाया गया है। इसका लोकार्पण समारोह बुधवार को आयोजित कि या गया था, इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर साहकारिता मंत्री विश्वास सारंग पहुंचे। राजपूत करणी सेना जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रही है।

प्रशासन को इस बात की भनक लग चुकी थी कि विरोध की स्थिति बन सकती है ऐसे में सारंग को मुख्य रास्ते की बजाए दूसरे रास्ते से लाया गया, लेकि न कु छ युवक सक्रिय थे। जैसे ही प्रवेश द्वार पर गाड़ी रुकी तो सारंग को काले झंडे दिखा दिए गए। जमकर नारेबाजी भी की गई। ऐसे में सीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी सक्रिय हुए और तुरंत ही स्थिति को संभाला। इन लोगों को कार्यक्रम स्थल के बाहर ही घेरे रखा गया और फिर समझाइश का दौर शुरू हुआ।

हमारे सवाल का जवाब देना होगा

दरअसल यह युवक इस बात पर अड़े हुए थे कि हम मंत्री और विधायक से बात करेंगे। एसटीएससी एक्ट के विरोध में इन लोगों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि इस काले कानून को हम समाप्त करवाना चाहते है। इन युवाओं का कहना था कि हम जिम्मेदारों से मिलकर यह पूछना चाहते है कि उन्होंने आखिर में उनका इस कानून के बारे में क्या मत है। इस तरह से काफी देर तक बहस चलती रही। पुलिस अधिकारियों ने एसडीएम वीरेंद्र कटारे को बुलवाया। उनके द्वारा मध्यस्थ्ता करने के बाद भी काफी देर तक युवा डटे रहे। लोगों का कहना था कि हमारे साथ पहले भी धोखा हो चुका है। पुलिस ने हमें मिलने के लिए कहा था लेकि न मंत्री को पीछे के रास्ते से ले जाया गया। ऐसे में अब हम कै से भरोसा करें।

कार्यक्रम से सीधे निकल गए मंत्री

एसडीएम कटारे ने काफी देर बाद उच्च स्तर पर संपर्क करने पर युवाओं का भरोसा दिलाया कि मंत्री आप से सर्किट हाउस पर मुलाकात करेंगे। इस तरह से विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है। कार्यक्रम जारी रहा और इस बीच विरोध भी चलता रहा। कार्यक्रम समाप्ति के बाद मंत्री सारंग सीधे भोपाल चले गए, जबकि करणी समाज के लोग उनका सर्किट हाउस पर इंतजार करते रहे।