धार। नईदुनिया प्रतिनिधि

मकर संक्रांति के नजदीक आते ही गली-मोहल्ले और छतों पर पतंगें उड़ने लगी हैं, लेकिन प्रतिबंध के बावजूद इस बार बाजार में चायना डोर पहले से भी ज्यादा वैरायटी के साथ आ गई है। इससे बच्चों के हाथ कटने के साथ ही डोर में उलझकर पक्षी भी घायल हो रहे हैं। प्रतिबंध होने के बाद भी कई दुकानदार चायना डोर बेच रहे हैं। पतंगबाजी में खतरनाक साबित हो रही चायना डोर को लेकर प्रशासन बेखबर है। चायना की डोर से हादसे का बड़ा मामला अभी सामने नहीं आया, लेकिन शायद प्रशासन हादसे के बाद कार्रवाई करने के इंतजार में है। ये धागा लोगों के साथ ही पक्षियों के लिए भी नुकसानदायक हैं। इसमें अंगुलियां जख्मी हो सकती हैं। गले में फंसने से वह कट सकता है। शहर में खुलेआम चायना डोर बेची जा रही है। चायना डोर से पतंगबाजी के पर्व की खुशी पर भी खतरा मंडरा गया है। नाइलोन जैसी डोरी के कारण शहर में पहले कई हादसे हो चुके हैं। बाजार में खुलेआम चायना डोर देखी जा सकती है। पेंच लड़ाने के लिए युवा भी चायना डोर खरीदने में रुचि दिखाने लगे हैं। लेकिन इसके खतरे का उन्हें अंदाजा नहीं है।

इसलिए घातक है चायना डोर

चायना डोर सामान्य धागे से बहुत मजबूत धागा होता है। नाइलोन के रेशे जैसी डोर को खींचने पर आसानी से नहीं तोड़ा जा सकता। डोर चिकनी होने के कारण यदि शरीर के किसी हिस्से पर घिस जाए तो जख्मी कर देती है। पतंगबाजी के दौरान यदि बाइक-साइकिल सवार के गले या अन्य अंग से उलझ जाए तो परिणाम घातक हो सकते हैं। गला कट भी कट सकता है।

प्रशासन ने लगाया है प्रतिबंध, लेकिन कार्रवाई नहीं की

जिले में चायना के धागे से पतंगबाजी प्रतिबंधित कर दी गई है। कलेक्टर ने प्रतिबंध लगाया है। आदेश 28 फरवरी तक प्रभावशील है। इस अवधि में आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने धागे से लोगों के जान-माल के खतरे को रोकने के लिए प्रतिबंध लगाया है। पतंगबाजी में उपयोग होने वाले चायना के धागे के उपयोग से पक्षियों व लोगों को हानि पहुंच रही है। कई बार धागे से पतंग उड़ाते समय पक्षी उलझकर फंस जाते है और घायल हो जाते हैं।