-जिला प्रशासन ने न्यायालय में दिए जवाब

-एएसआई के आदेश का पालन करने की कही बात

-याचिका की सुनवाई अब 2 फरवरी को

धार। वसंत पंचमी पर भोजशाला को लेकर प्रशासन द्वारा जिस तरह का जवाब न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है उससे यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) जो तय करेगा उसका पालन करवाया जाएगा। एक जनहित याचिका के तहत उच्च न्यायालय द्वारा शासन से अपना पक्ष चाहा गया था उसी के अंतर्गत यह जवाब दिया गया है। अब इस याचिका में सुनवाई 2 फरवरी को होना है।

गौरतलब है कि हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने मिलकर शहर में शांतिपूर्ण स्थिति के लिए एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय इंदौर में लगाई है। इसमें अगली सुनवाई 2 फरवरी को होना है। मामले में शासन की ओर से कुछ समय पूर्व न्यायालय में जवाब प्रस्तुत कर दिया गया है। यह जवाब तत्कालीन अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमरसिंह बघेल ने प्रस्तुत किया था।

ये है जवाब की स्थिति

सूत्रों के अनुसार जवाब में कहा गया है कि भोजशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन है। प्रशासन संबंधित विभाग के महानिदेशक के निर्देशों व अधिसूचनाओं को पालन करने का काम करता है। एएसआई ही मुस्लिम समाज को शुक्रवार को नमाज और वसंत पंचमी पर हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति देता है। ऐसे में राज्य सरकार आदेश के पालन करने में बेहतर से बेहतर प्रयास करता है। ताकि शांति बनी रहे।

जवाब में 12 फरवरी का जिक्र

इधर एक तरफ प्रशासन अभी भी अपने शासकीय कैलेंडर का हवाला देकर 13 फरवरी को वसंत पंचमी होने की बात करता रहता है लेकिन शासन की ओर से जो जवाब दिया गया है उसमें कहा गया है कि इस बार वसंत पंचमी 12 फरवरी को आ रही है। मामले में दोनों समुदाय व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से चर्चा करके सांप्रदायिक सद्भाव के लिए प्रयास कर रहे हैं। वहीं जवाब के अंतिम पेरे में कहा गया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा जो डायरेक्शन दिए जाते हैं, उसका पालन किया जाता है तथा कानून और व्यवस्था भी बनाई जाती है। मुख्य रूप से एएसआई का ही निर्णय महत्वपूर्ण रहता है। इस तरह के जवाब के बाद यह माना जा रहा है कि अब केंद्र सरकार के इस विभाग के आदेश का इंतजार करना होगा। इधर सूत्रों के अनुसार कुछ लोग इस संबंध में दिल्ली भी पहुंचे हैं।