धार (प्रेमविजय पाटिल)। धार के युवा अंतरिक्ष तंवर ने 2011 में आईआईटी दिल्ली से सिविल में बीटेक किया और फिर नौकरी के ऑफर आने शुरू हो गए। छोट-मोटा पैकेज भी नहीं, साल का 12 लाख का पैकेज, वह भी आज से 7 साल पहले। इस तरह का पैकेज मिलने के बाद अंतरिक्ष आसमानी उड़ान भी भर सकते थे। सीधी-सी बात है 12 लाख रुपए सालाना कमाने का जब अनुभव हो जाए तो फिर विदेश की राह आसान हो जाती है। अंतरिक्ष ने इस तरह का कदम उठाने की बजाय अपने दो साथियों को जोड़ा और आज से करीब 7 साल पहले यानी 2012 में अपनी खुद की एक कंपनी बनाई। आज यह कंपनी 500 लोगों के रोजगार का द्वार बन गई है।

अंतरिक्ष ने बताया कि धार जैसे शहर में 17 साल पढ़ने के बाद दिल्ली में पढ़ाई की, फिर एक साल नौकरी भी की। शुरुआती साल में जो वेतन मिला उस वेतन का इन्वेस्टमेंट कर दिया। मित्र अभिनव भारद्वाज (आईआईटी) और अखिल सक्सेना (पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक) के साथ काम शुरू किया। हम दोस्तों की पारिवारिक पृष्ठभूमि ऐसी नहीं थी कि दिल्ली जैसे शहर में कारोबार शुरू कर सकें । बड़ा निवेश कर सकें । अंतरिक्ष ने बताया कि शुरुआत से ही यह सोच थी कि नौकरी करने की बजाय खुद का काम शुरू किया जाए। इसी के चलते हमने एक ऐसी कंपनी खड़ी की।

काम भी ऐसा कि लोगों को मिलता है भरोसा

पढ़ाई के ज्ञान को लोगों तक सीधे तौर पर पहुंचा सकें । साथ ही इसका फायदा अन्य लोगों को भी हो। आज हमारी कंपनी सिविल संबंधी कार्य में बड़े स्तर पर मार्गदर्शी कंपनी है। उन्होंने अपने काम के बारे में बताया कि आजकल बड़े स्तर पर निर्माण कार्य होता है, लेकि न उसमें कई बार निर्माण करवाने वाले को केवल निर्माण एजेंसी व अन्य लोगों पर ही भरोसा करना पड़ता है। हमने अपनी कंपनी में एक ऐसा कार्य करके देना तय किया जिससे कि ऐसे निर्माण करवाने वाले लोगों को एक संतुष्टि के साथ में एक सही व निष्पक्ष राय मिले। लोगों के करोड़ों के कार्य की गुणवत्ता से लेकर उसकी सहित तकनीक आदि के बारे में हम मार्गदर्शन देते हैं। यही वजह है कि हमारे सिविल के नॉलेज को हमने लोगों के विश्वास के लिए उपयोग कि या।

देश में रहकर देश के लोगों का हित

अंतरिक्ष विश्वास के साथ-साथ हमने कंपनी चलाने के लिए अर्थ उपार्जन करना शुरू किया। इस कंपनी के बनने से हमने कई लोगों को रोजगार भी दिया है। 6 साल के कंपनी के सफर में हमने उतार-चढ़ाव भी देखे। वर्तमान में हमारे साथ में सीधे तौर पर 500 लोग जुड़े हुए हैं, जो कि अलग-अलग शहरों में करीब 17 स्थानों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 55 लोगों की ऐसी टीम है जो कि पूरे कार्य का व्यवस्थापन देखती है। हम सभी दोस्तों का लक्ष्य भी यही था कि एक कंपनी खड़ी की जाए जो कि बहुत बड़े स्तर पर लोगों को सलाह और सही काम के बारे में जानकारी दे सके।

इस तरह से आज हम एक अच्छी कंपनी का संचालन कर रहे हैं। लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। साथ ही देश के बड़े संस्थान से जो हमने पढ़ाई की है, उस पढ़ाई का उपयोग देश हित में देश के लोगों के लिए हो रहा है। अंतरिक्ष के पिता राजेंद्र तंवर वर्तमान में धार में समाज कल्याण विभाग में अधिकारी हैं। जबकि माताजी धार में ही शासकीय शिक्षक हैं।